उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर की नई सरकार से राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए प्रस्ताव पारित करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट को इस प्रस्ताव को पारित करना चाहिए और मुख्यमंत्री को दिल्ली में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और वरिष्ठ नेतृत्व से मुलाकात करनी चाहिए। अब्दुल्ला ने धारा 370 की बहाली की उम्मीद को मुर्खतापूर्ण बताया और कहा कि वे इस मुद्दे को जीवित रखेंगे।
जम्मू‑कश्मीर में क्या चल रहा है?
अगर आप जम्मू‑कश्मीर की खबरों की तलाश में हैं तो सही जगह पर आए हैं। यहाँ हम रोज़ के मुख्य मुद्दे, राजनैतिक बदलाव और पर्यटन से जुड़ी ताज़ा जानकारी लाते हैं। बिना फॉर्मलिटी के सीधे बात करेंगे, ताकि आपको जल्दी समझ आ जाए कि क्या महत्वपूरण है।
राजनीतिक हलचल
पिछले हफ़्ते केंद्र सरकार ने जम्मू‑कश्मीर में नई आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी। इस पैकेज में कृषि, उद्योग और शिक्षा के लिये विशेष फंड शामिल हैं। लोकल पार्टी नेताओं ने इसे "विकास की सच्ची शुरुआत" कहा जबकि विपक्षियों ने इसके वितरण में पारदर्शिता की मांग उठाई। इसी बीच, दो बड़े शहरों में चुनावी कैंपेन तेज़ गति से चल रहा है; उम्मीदवार जनता को रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के वादे दे रहे हैं।
पर्यटन व विकास
जम्मू‑कश्मीर का पर्यटन अब फिर से धूम मचा रहा है। सर्दियों में स्की रिसॉर्ट्स की बुकिंग पहले महीने से 30 % बढ़ी है और सरकार ने नई रूट्स, बेहतर हाइवे और डिजिटल गाइडलाइन लांच किए हैं। अगर आप वैली‑ट्रिप प्लान कर रहे हैं तो अब ऑनलाइन परमिट लेना आसान हो गया है – बस वेबसाइट पर कुछ क्लिक और आपका टिकट तैयार।
सुरक्षा के मामले में भी सुधार दिख रहा है। हाल ही में सीमा इलाके में एक छोटा स्क्वाल हुआ था, लेकिन सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई करके स्थिति को नियंत्रण में ले लिया। इस घटना से लोगों का भरोसा बढ़ा है कि सरकार सुरक्षित माहौल बनाये रखेगी।
जम्मू‑कश्मीर की शिक्षा व्यवस्था भी बदल रही है। नई सरकारी नीति के तहत 10 % स्कूलों को डिजिटल कक्षाएं मिलने वाली हैं, और छात्रवृत्ति योजना में वृद्धि हुई है। ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट कवरेज बढ़ाने के लिये विशेष टॉवर लगाए जा रहे हैं, जिससे ऑनलाइन लर्निंग आसान होगी।
कृषि क्षेत्र में किसान अब नई तकनीकों को अपनाने लगे हैं। ड्रिप इरिगेशन और सोलर पंप का उपयोग बढ़ा है, जिसके कारण पानी की बचत भी हो रही है और फसल के उत्पादन में सुधार आया है। राज्य सरकार ने बीज और उर्वरक पर सब्सिडी देने का एलान किया है, जिससे छोटे किसानों को फायदा होगा।
अगर आप स्वास्थ्य सेवाओं की बात करें तो जम्मू‑कश्मीर में नई एंटी-कोरोना सेंटर खुल रही हैं। ये सेंटर्स रिमोट एरिया के लोगों को मुफ्त टेस्ट और उपचार दे रहे हैं। साथ ही, टेलीमेडिसिन ऐप का रोलआउट भी हो रहा है जिससे गांव वाले डॉक्टर से सीधे संपर्क कर सकते हैं।
समुदायिक मेलजोल में भी बदलाव दिखे हैं। विभिन्न धर्मों की सभा अब एक-दूसरे के कार्यक्रम में हिस्सा ले रही हैं, जैसे कि वसंत पंचमी पर सिख और मुसलमान मिलकर पारम्परिक गीत गाते हैं। इस तरह के इवेंट्स सामाजिक सौहार्द को बढ़ा रहे हैं।
संक्षेप में कहें तो जम्मू‑कश्मीर में राजनीति, विकास, सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य सभी क्षेत्रों में नई ऊर्जा दिख रही है। आप चाहे स्थानीय हों या बाहर से पढ़ना चाहते हों, यह टैग पेज आपको हर महत्वपूर्ण अपडेट देगा। बस यहाँ बने रहें, ताकि कोई भी ख़बर हाथ से न निकल जाए।