नाग पंचमी, एक महत्वपूर्ण हिंदू पर्व, जिसे सर्प देवताओं का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है। 2024 में, यह पर्व 8 अगस्त को पड़ेगा। श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। इस दिन भक्तजन सुबह से ही सांपों को दूध, फूल और अन्य वस्त्र अर्पित करते हैं और भगवान शिव के मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं।
सांप पूजा के रहस्य: सही विधि और महत्व
क्या आपने कभी सोचा है कि भारत में सांप पूजन इतना प्रचलित क्यों है? बहुत से लोग इसे सिर्फ एक रिवाज मानते हैं, लेकिन असल में इसका गहरा धार्मिक और सांस्कृतिक मतलब है। आज हम बात करेंगे नाग पंचमी पर कैसे सही तरीके से पूजा करनी चाहिए और इसके पीछे की कहानी क्या है.
सांप पूजा का इतिहास
प्राचीन वैदिक ग्रन्थों में नाग (साँप) को जल, पृथ्वी और आकाश के बीच संतुलन बनाते हुए कहा गया है। माना जाता है कि नाग धरती की रचना में मदद करते हैं और उनकी पूजन से बुरे प्रभाव दूर होते हैं। इसलिए हर साल शरद ऋतु में, विशेषकर नवम्बर‑दिसंबर में, लोग नाग पंचमी मनाते हैं। इस दिन न सिर्फ स्नान करके साफ़-सुथरे बनते हैं बल्कि घर की मुँह पर भी काले रंग का तिलक लगाते हैं—जो बुरी नजर से बचाने के लिए माना जाता है।
सही तरीके से सांप पूजा कैसे करें
सबसे पहले जगह साफ़ रखें और एक छोटा सा पवित्र कपड़ा बिछाएं। उसके ऊपर जल, दूध और थोड़ा शहद डालें—यह नाचिके (साँप) को आकर्षित करता है। फिर एक कागज़ या मिट्टी की छोटी मूर्ति तैयार करें, उसे फूलों से सजाएँ और बीच में हल्दी‑लाल चंदन रखें। अब मन से ईश्वर को याद करते हुए "ऊँ नमः शंकराय" जैसे मंत्र दोहराएँ। अगर आप चाहें तो रजत कंगन या मोती पहन कर पूजा में भाग ले सकते हैं, यह शुभ माना जाता है।
पूजा के बाद स्नान करना न भूलें। जल से धोने पर मन शांत होता है और शरीर से नेगेटिव एनर्जी निकल जाती है। साथ ही इस दिन व्रत रखकर फलाहारी भोजन करें—सादे चावल, दाल और सब्ज़ी। यह शुद्धता को बढ़ाता है और शरीर में ऊर्जा का संतुलन बनाता है।
एक बात ध्यान रखें: वास्तविक साँप को पकड़ कर या मारने की कोई जरूरत नहीं है। आजकल लोग प्लास्टिक या मिट्टी के नागों से पूजा करते हैं, जिससे जानवरों को नुकसान नहीं पहुंचता। इससे पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है और हमारी परम्पराओं का सम्मान भी बनता है.
सांप पूजन के कुछ फायदे भी बताना जरूरी है। कहा जाता है कि यह रोग‑प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाता है, घर में शांति लाता है और आर्थिक स्थिरता में मदद करता है। लेकिन सबसे बड़ी बात ये है—यह हमारे अंदर आस्था और सम्मान की भावना जगाता है, जो आज के तेज़-रफ़्तार जीवन में बहुत जरूरी है.
तो अगली बार जब नाग पंचमी आए, तो इस गाइड को याद रखें और सही रूप से पूजा करें। चाहे आप एक भक्त हों या सिर्फ जिज्ञासु, सांप पूजन का अनुभव आपको भारतीय संस्कृति की गहराई दिखाएगा।