तूफान 'फेंगल' का तमिलनाडु में असर दिखने लगा है। यह विशेष रूप से महाबलीपुरम और मरकनम के बीच तट से टकरा सकता है। 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक की तेज हवाएं चल रही हैं। चेन्नई और उत्तरी तमिलनाडु में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। कई प्रमुख क्षेत्रों में रेल और हवाई सेवाएँ प्रभावित हुई हैं। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की समीक्षा की है।
तेज हवाएँ – क्या है वजह और कैसे रहें सुरक्षित?
अभी कई क्षेत्रों में तेज हवाओं ने लोगों को परेशान किया है। बारिश के साथ मिलकर ये हवा खेतों, घरों और सड़कों पर असर डालती है। अगर आप भी ऐसे इलाके में रहते हैं तो जानना जरूरी है कि कब सावधानी बरतें और क्या कदम उठाएँ। इस लेख में हम कारण, प्रभाव और आसान सुरक्षा उपाय बताएँगे जिससे आप बिना डर के मौसम का सामना कर सकेंगे।
तेज हवाओं की वजह
भारत में तेज हवा अक्सर लो‑प्रेशर सिस्टम या ठंडी धारा के साथ आती है। जब समुद्र से ठंडी हवा अंदर आती है, तो वो गर्मी वाले क्षेत्रों में जल्दी घनी हो जाती है और तेज गति से चलती है। मॉनसून के दौरान भी यह आम है क्योंकि भारी बारिश वायुमंडलीय दबाव को बदल देती है। इस कारण अचानक बवंडर या झड़ें आ सकती हैं, जो पेड़ों को गिरा देती हैं और बिजली कटौती का खतरा बढ़ा देती हैं।
सुरक्षा के आसान कदम
पहला कदम – मौसम विभाग की चेतावनी पर नजर रखें। अगर अलर्ट आया है तो घर में रहना सबसे सुरक्षित रहेगा। दूसरा, बाहर की चीज़ें जैसे लटकी हुई बत्तियाँ या टेबल का सामान अंदर ले आएँ; ये हवा से उड़कर नुकसान पहुँचा सकते हैं। तीसरा, दरवाज़ा और खिड़कियों को कस कर बंद रखें, अगर संभव हो तो फोल्डिंग shutters लगाएँ।
अगर आप बाहर हों तो खुली जगह से दूर रहें, पेड़ों के नीचे नहीं बल्कि खुले मैदान या इमारत के अंदर छिपें। तेज हवा में गाड़ी चलाते समय गति कम करें और हाइलाइट्स ऑन रखें ताकि दूसरों को दिखाई दे। अचानक बिजली गिरने की संभावना भी बढ़ती है, इसलिए मोबाइल चार्जर और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को सुरक्षित जगह पर रखें।
भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए स्थानीय सरकारी योजना या समुदाय के साथ जुड़ें। अक्सर वार्निंग सिस्टम, हेल्पलाइन नंबर और राहत केंद्रों की जानकारी होती है जो आपातकाल में मदद कर सकते हैं। अगर किसी को चोट लगी हो तो तुरंत मेडिकल सहायता लें और खुद भी प्राथमिक उपचार सीखें।
आखिर में याद रखें कि तेज हवाएँ अस्थायी होती हैं। सही तैयारी, समय पर चेतावनी पढ़ना और सुरक्षित स्थान चुनना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। इस तरह आप न केवल अपने घर को बचा पाएँगे बल्कि अपनी और दूसरों की जान भी सुरक्षित रख सकेंगे।