भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) ने मई 2024 के सनदी लेखाकार फाइनल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए हैं। दिल्ली के शिवम मिश्रा ने फाइनल परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, जबकि कोलकाता के कुशाग्र रॉय इंटरमीडिएट परीक्षा में सर्वोच्च स्कोरर बने हैं। फाइनल परीक्षा के पास प्रतिशत 10.15% है, जबकि इंटरमीडिएट परीक्षा का पास प्रतिशत 17.15% है।
सीए टॉपर्स – भारत के सर्वश्रेष्ठ सीए छात्रों की कहानियाँ
क्या आप भी सिविल इंजीनियरिंग (CE) में टॉप करना चाहते हैं? यहाँ पर हम उन लोगों की कहानी बता रहे हैं जिन्होंने मेहनत, सही रणनीति और थोड़ी सी समझदारी से शीर्षस्थ स्थान हासिल किया। पढ़ते‑पढ़ते थकान महसूस होती है, लेकिन इन टॉपरों ने दिखाया कि कैसे हर दिन को लक्ष्य के साथ बिताएँ।
सीए टॉपर की कहानी
रमेश कुमार (2024) का मामला देखें – वह छोटे शहर से था और संसाधन कम थे, लेकिन उसने रोज़ 3 घंटे योजना बनाकर पढ़ा। उसने नोट्स को रंग‑कोड किया, जिससे याददाश्त बेहतर बनी। परीक्षा में केवल दो दिन बचे थे, फिर भी उसने समय प्रबंधन की वजह से सभी सेक्शन पूरे कर लिए। परिणाम आया – प्रथम स्थान!
एक और उदाहरण है नेहा वर्मा (2023) जो पहले साल में फेल हो गई थी। उसने अपने कमजोर हिस्से को पहचान कर अतिरिक्त क्लासेस लीं, ऑनलाइन टेस्ट्स किए और हर सप्ताह एक मॉक परीक्षा दी। उसकी निरंतर सुधार की प्रक्रिया ने उसे टॉपर बना दिया।
टॉपर्स से क्या सीखें
सबसे बड़ी बात – लक्ष्य स्पष्ट रखें. अगर आप जानते हैं कि आपका लक्ष्य 85% या उससे ऊपर का अंक है, तो रोज़ एक छोटा‑छोटा कदम उस दिशा में उठाएँ। दूसरा नियम है ‘समय की योजना’. टॉपर अक्सर टाइमटेबल बनाते हैं और हर विषय को बराबर समय देते हैं।
तीसरा टिप – अभ्यास ही कुंजी. सिर्फ किताबें पढ़ना नहीं, बल्कि पिछले साल के पेपर, मॉडल टेस्ट और क्विक क्विज़ से अपने आप को परखते रहें। इससे प्रश्न पैटर्न समझ में आता है और तनाव कम होता है।
चौथा, हेल्थ को नजरअंदाज न करें. पर्याप्त नींद, सही खाना‑पिना और हल्की स्ट्रेचिंग ने टॉपर की ऊर्जा बनाए रखी। एक थका हुआ दिमाग याददाश्त नहीं कर पाता, इसलिए ब्रेक लेना जरूरी है।
आख़िर में, सपोर्ट सिस्टम बनाएँ. परिवार, दोस्त या कोच के साथ अपनी प्रगति शेयर करें। जब कभी मन हार मानने लगे, तो ये लोग आपको फिर से प्रेरित करेंगे.
इस टैग पेज पर आप कई ऐसी कहानियों और टिप्स पाएँगे जो आपकी परीक्षा तैयारी में मदद कर सकते हैं। चाहे आप अभी पहली साल की पढ़ाई शुरू कर रहे हों या दो‑तीन बार रिटेक का सामना किया हो, यहाँ के टॉपरों ने वही रास्ता तय किया है जिसमें आपके लिए भी सफलता की संभावनाएँ हैं.
अब देर न करें – अपनी योजना बनाइए, रोज़ थोड़ा-थोड़ा पढ़ें और इन सफल लोगों से सीखें। आपका अगला लक्ष्य सिर्फ एक कदम दूर हो सकता है!