आईपीएल 2024 की पुरस्कार राशि ने T20 विश्व कप 2024 को पीछे छोड़ते हुए विजेताओं की रकम में बड़ा अंतर दिखाया है। आईपीएल 2024 की कुल पुरस्कार राशि लगभग ₹45.50 करोड़ थी, जबकि पिछले वर्ष के T20 विश्व कप की कुल पुरस्कार राशि $5.6 मिलियन थी। इससे आईपीएल की बढ़ती प्रतिष्ठा उजागर होती है।
पुरस्कार राशि: खिलाड़ी को मिलने वाला वित्तीय इनाम क्या है?
जब कोई क्रिकेटर या एथलीट बड़ा प्रदर्शन करता है, तो अक्सर समाचार में दिखता है कि उसे "पुर्स्कार राशि" मिल रही है। यह शब्द सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि ठोस धनराशि भी दर्शाता है जो खिलाड़ी के मेहनत का फल होता है। इस लेख में हम समझेंगे कि पुरस्कार राशि कैसे तय होती है, किन-किन प्रतियोगिताओं में बड़े इनाम होते हैं और भारतीय खिलाड़ियों को क्या-क्या लाभ मिलता है।
आईसीसी पुरुस्कर की राशि
आइए सबसे प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पुरस्कार पर नज़र डालते हैं – आईसीसी (अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट कौन्सिल) का "पुर्स्कार"। 2024‑25 में अर्जुन सिंह को ‘आईसीसि पुरुष टाई20 क्रिकेटर ऑफ द ईयर’ के रूप में सम्मानित किया गया और उसे लगभग ₹5 लाख की राशि मिली थी। इसी तरह, पिछले साल विराट कोहली को बेस्ट टेस्ट प्लेयर का पद मिला तो उन्हें ₹4.5 लाख मिलते हैं। ये रकमे केवल नाम नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के करियर में एक ठोस समर्थन भी देते हैं।
आईसीसी की पुरस्कार राशि दो भागों में दी जाती है – ट्रॉफी और नकद इनाम। ट्रॉफी हमेशा शानदार डिजाइन की होती है, जबकि नकदी का हिस्सा विभिन्न श्रेणियों (टेस्ट, वन‑डे, टी20) के अनुसार बदलता रहता है। इस तरह से खिलाड़ी अपने प्रदर्शन को वित्तीय रूप में भी मान्यता पा सकते हैं।
भारत में प्रमुख पुरस्कार और इनाम
देशी स्तर पर भी कई संस्थाएँ खिलाड़ियों को बड़ी राशि देती हैं। भारत सरकार का ‘राजीव गांधी खेल रत्न’ सालाना लगभग ₹7.5 लाख प्रदान करता है, साथ ही पदक और सम्मान पत्र भी मिलता है। इसी तरह, ‘धीरुभाई अंबानी युवा खेल पुरस्कार’ में 2025 के विजेताओं को ₹2 लाख मिलते हैं। इनाम सिर्फ पैसे नहीं, बल्कि खिलाड़ी को बेहतर सुविधाएं, ट्रेनिंग कैंप्स और स्पॉन्सरशिप मिलने की संभावनाएँ भी खोलता है।
क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) भी साल‑दर‑साल ‘मनु भट्टिया पुरस्कार’ जैसे कई इनाम देता रहता है। 2025 में इस पुरस्कार की राशि ₹3 लाख थी, और इसका लक्ष्य युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाने का था। ऐसे पहलें छोटे शहरों के टैलेंट को बड़े मंच तक पहुंचाती हैं।
पुरस्कार राशि के साथ कर संबंधी सवाल भी आते हैं। भारत में इनाम को आयकर अधिनियम के तहत ‘वेतन’ माना जाता है, इसलिए इसे अपने वार्षिक आय में शामिल करना पड़ता है। लेकिन कई बार बोर्ड या सरकार इस पर छूट देती है, जैसे कि राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों पर 100% टैक्स एग्जेम्प्शन मिलता है। यह जानकारी खिलाड़ियों को वित्तीय योजना बनाने में मदद करती है।
आजकल सोशल मीडिया और टेलीविजन के माध्यम से इनाम की घोषणा तेज़ी से हो रही है। एक बार जब खिलाड़ी को पुरस्कार राशि मिलती है, तो वह अक्सर अपनी ट्रेनिंग या फाउंडेशन स्थापित करने में निवेश करता है। यह न केवल व्यक्तिगत विकास में मददगार होता है बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता है।
तो संक्षेप में, पुरस्कार राशि सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि खिलाड़ी की मेहनत का ठोस मुआवजा है। चाहे वह आईसीसी का अंतरराष्ट्रीय इनाम हो या भारत सरकार का राष्ट्रीय मान्यताप्राप्त पुरस्कार—इनकी रकम और शर्तें अलग-अलग होती हैं, पर सभी का लक्ष्य खेल को बढ़ावा देना और खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। आप अगर किसी खिलाड़ी की प्रगति देख रहे हैं, तो उसकी जीत के साथ मिलने वाली इस राशि को भी एक महत्वपूर्ण संकेतक समझें।