9 सितंबर, 2024 को अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मुहम्मद बिन जायद अल नहयान ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह उनकी भारत की पहली आधिकारिक यात्रा थी, जो पीएम मोदी के निमंत्रण पर हुई थी। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और यूएई के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।
पीएम मोदी की ताज़ा ख़बरें – भारत में नया मोड़?
नमस्ते! आप भी अक्सर सोचते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले हमारे रोज़मर्रा के जीवन को कैसे प्रभावित करते हैं? चलिए, इस पेज पर हम उनके हालिया कार्यों, नई नीतियों और राजनीतिक माहौल का आसान‑से‑समझाने वाला सार प्रस्तुत करेंगे।
मोदी सरकार की प्रमुख पहलें 2025 तक
2025 में भारत ने कई बड़े कदम उठाए हैं – चाहे वह बजट में टैक्स सुधार हो या डिजिटल साक्षरता योजना का विस्तार। इस साल के बजट में निफ्टी और सेंसेक्स दोनों को समर्थन मिला, जिससे शेयर बाजार में हलचल रही। मोदी जी ने छोटे व्यापारियों के लिए ऋण सुविधा आसान बनायी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गति बढ़ी।
साथ ही, जलवायु परिवर्तन से लड़ने हेतु नई हरित योजना लॉन्च हुई। सरकार ने सोलर पैनल स्थापित करने वाले किसानों को सब्सिडी दी, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी में वृद्धि होने का अनुमान है। इन बदलावों से यह स्पष्ट होता है कि आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ ले जाना अब नीति का मुख्य हिस्सा बन चुका है।
राजनीतिक परिदृश्य और चुनावी रणनीति
भविष्य के लोकसभा चुनावों की तैयारी में सभी पार्टियों की आँखें मोदी जी पर टिकी हैं। उनके बड़ते लोकप्रियता आँकड़े, सोशल मीडिया फॉलोअर्स और जनसभाओं की भीड़ इस बात को दर्शाते हैं कि जनता अभी भी उनके नेतृत्व को देखना चाहती है। लेकिन विरोधी दल भी नई रणनीति बना रहे हैं – जैसे युवा वर्ग को आकर्षित करने के लिए शिक्षा सुधार पर ज़ोर देना।
क्या यह संभव है कि आने वाले चुनावों में गठबंधन बदलें? कई विश्लेषकों का मानना है, अगर मोदी सरकार सामाजिक कल्याण योजनाओं को और तेज़ी से लागू करे तो वोटर बेस मजबूत रहेगा। वहीं, यदि आर्थिक अस्थिरता बढ़ती रही तो विपक्ष के पास भी मौका बन सकता है।
आखिरकार, राजनीति हमेशा दोधारी तलवार की तरह होती है – एक तरफ़ विकास के वादे और दूसरी ओर चुनौतियों का सामना। आप किस दिशा में सोचते हैं? अगर आपके पास कोई सवाल या राय हो, तो नीचे टिप्पणी करके बताइए!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ABP पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि दुनिया महात्मा गांधी को 1982 की फिल्म 'गांधी' के रिलीज़ होने से पहले नहीं जानती थी, लेकिन ऐतिहासिक तथ्य इससे विपरीत हैं। 1920 के दशक से ही महात्मा गांधी को अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मशहूर हस्तियों द्वारा पहचाना और सम्मानित किया गया था।
हरियाणा के अंबाला में एक चुनावी रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार की ताकत को उजागर किया। उन्होंने कहा कि 'धाकड़' सरकार की मौजूदगी के कारण दुश्मन नुकसान पहुंचाने से पहले 100 बार सोचते हैं। मोदी ने विशेष रूप से पाकिस्तान का उल्लेख किया, जो 70 साल तक भारत को धमकाता था, लेकिन अब भाजपा के शासन के कारण उसके पास 'भीख का कटोरा' है।