पेरिस ओलंपिक 2024 का समापन समारोह 11 अगस्त को स्टेड डे फ्रांस में होगा। इसमें भारतीय ध्वजवाहक के रूप में मनु भाकर और पीआर श्रीजेश चुने गए हैं। यह समारोह संगीत, नृत्य और अन्य अद्वितीय प्रदर्शनों से भरा होगा और इसे Sports18 और JioCinema पर देखा जा सकेगा।
ओलम्पिक समापन समारोह: क्या खास रहा?
जैसे ही खेलों का अंत हुआ, दुनिया ने ओलम्पिक समापन समारोह को बड़े उत्साह से देखा। ये इवेंट सिर्फ एथलीट्स के विदाई नहीं, बल्कि एक बड़ा जश्न है जहाँ विभिन्न देशों की संस्कृति, संगीत और नृत्य मिलते हैं। अगर आप इस कार्यक्रम के बारे में जानना चाहते हैं तो पढ़िए आगे का लेख।
समारोह की मुख्य बातें
समापन समारोह पेरिस 2024 ओलम्पिक में 12 अगस्त को हुआ। पाँच घंटे की लाइव शो में फायरवर्क, लाइटिंग इफेक्ट्स और फ्रेंच संस्कृति के झलक दिखाए गए। प्रमुख आकर्षण था "पैरिस का दिल" डांस, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने एरोज़न वॉल्ट्ज़ किया। इसके अलावा, अगले ओलम्पिक की मेजबानी करने वाले शहर (साओ पाउलो) ने अपना टिज़र लिफ्ट करके भविष्य का संकेत दिया।
ट्रांसमिशन के दौरान दर्शकों को एक छोटा सर्वे भी दिखाया गया – 85% लोग समारोह को "इमोशनल" और "वर्ल्ड यूनिटी" कहे। ये आंकड़े बताते हैं कि खेल सिर्फ प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ने का माध्यम है।
भारत की उपलब्धियां और आगे का मार्ग
समापन समारोह से पहले भारत ने 28 मेडल जीत कर इतिहास रचा – 10 गोल्ड, 8 सिल्वर और 10 ब्रॉन्ज़। सबसे बड़ा हाइलाइट था एथलीटों का "जैज़" में नृत्य, जहाँ हर कोहली (क्रिकेट) की टीम के सदस्य भी शाउट‑आउट कर रहे थे।
विचार करने लायक बात यह है कि भारत ने अब तक अपने पहले 5 ओलम्पिक में सिर्फ 2 गोल्ड ही जीते थे, लेकिन इस बार हमने सभी प्रमुख खेलों में कदम रखा – एथलेटिक्स, शूटिंग और वेटलिफ्टिंग। इससे युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिल रही है और कई राज्य सरकारें अब खेल बुनियादी ढांचा मजबूत करने की योजना बना रही हैं।
भविष्य के लिए क्या तैयारियां चल रही हैं? साउथ एशिया में नई ट्रेनिंग एकेडमी, हाई‑टेक फिटनेस सेंटर और निजी फंडिंग के साथ स्कॉलरशिप प्रोग्राम लॉन्च हो रहे हैं। इन प्रयासों से उम्मीद है कि अगली ओलम्पिक (2028) में भारत की मेडल गिनती दोगुनी होगी।
यदि आप समापन समारोह का रीप्ले देखना चाहते हैं तो यूट्यूब और आधिकारिक ओलम्पिक ऐप पर मुफ्त स्ट्रीमिंग मिल जाती है। साथ ही, विभिन्न समाचार पोर्टल्स ने विश्लेषणात्मक लेख भी प्रकाशित किए हैं जहाँ एथलीटों के इंटरव्यू और कोच की रणनीतियों का विस्तार से जिक्र है।
समापन समारोह केवल एक अंत नहीं बल्कि नई शुरुआत है। यह दर्शाता है कि खेल हमें जोड़ते हैं, सीमाओं को तोड़ते हैं और आशा जगाते हैं। आप भी इस भावना को अपनाएँ और अगली बार के ओलम्पिक में अपने पसंदीदा एथलीट को सपोर्ट करें।