अमेरिकी फेडरल रिजर्व 18 सितंबर, 2024 को अपना दो दिवसीय बैठक के समापन पर चार सालों में पहली बार ब्याज दर कटौती की घोषणा करने के लिए तैयार है। फेड चेयर जेरोम पॉवेल दर कटौती की सीमा का खुलासा करेंगे। नीतिगत निर्धारक महंगाई को 2% पर लाने की ओर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
महंगाई क्या है? समझें कारण, असर और बचने के उपाय
जब बाजार में सब्ज़ी या दूध की कीमतें बढ़ती हैं तो लोग तुरंत "महंगाई" शब्द सुनते हैं। दरअसल महंगाई का मतलब ही कीमतों का लगातार बढ़ना है, जिससे रोज‑मर्रा की चीज़ें पहले से महंगी लगने लगती हैं। इसका असर सिर्फ ख़रीदारी तक नहीं रहता, बचत, निवेश और परिवार के बजट पर भी गहरा पड़ता है।
भारत में महंगाई की वर्तमान स्थिति
2025 की पहली छमाही में भारत का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) लगभग 6.4% तक पहुंच गया, जो RBI के लक्ष्य से ऊपर है। सबसे बड़ी बढ़त खाद्य पदार्थों और ईंधन में देखी गई – चावल, गेहूँ, तेल और पेट्रोल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। इस साल मानसून में कमी और वैश्विक तेल कीमतों में उछाल ने भी महंगाई को तेज़ कर दिया है।
महंगाई का असर छोटे शहरों से लेकर बड़े मेट्रो क्षेत्रों तक समान रूप से महसूस किया जाता है। गरीब वर्ग की खर्चीली आय कम हो जाती है, जबकि मध्यम वर्ग के बजट में कटा‑छाँट करनी पड़ती है। इस वजह से लोग अक्सर वैकल्पिक ब्रांड चुनते हैं या क्वालिटी घटा कर सामान खरीदते हैं।
महंगाई से कैसे बचें – आसान टिप्स
1. बजट बनाएं और उसका पालन करें: हर महीने का खर्च लिखकर रखें, सबसे पहले ज़रूरी चीज़ों (खाना, दवाइयाँ) को प्राथमिकता दें। इस तरह अनावश्यक ख़र्चे कम हो जाएंगे।
2. स्थानीय बाजार और सस्ते विकल्प देखें: बड़े सुपरमार्केट की तुलना में स्थानीय मंडी या थोक मार्केट में अक्सर सब्ज़ी सस्ती मिलती है। अगर आप ऑनलाइन खरीदारी करते हैं तो डील्स और कूपन का उपयोग करें।
3. स्मार्ट प्लानिंग: मौसमी फल‑सब्ज़ी पर ध्यान दें, क्योंकि इन्हें ऑफ‑सीज़न में खरीदा जाए तो कीमत बहुत बढ़ जाती है। घर के खाने को प्रोटीन से भरपूर बनाएं लेकिन महंगे मांस की जगह दाल, अंडे या पनीर जैसे विकल्प चुनें।
4. ऊर्जा बचत: बिजली और गैस बिल कम करने के लिए लाइटिंग में LED बल्ब, एसी में इको मोड और किचन में प्रेशर कुकर का इस्तेमाल करें। ये छोटे‑छोटे कदम महीनों में बड़ी बचत कराते हैं।
5. सरकारी योजनाओं का फायदा उठाएं: प्रधानमंत्री जनधन योजना, LPG सब्सिडी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और अन्य राहत कार्यक्रमों के बारे में अपडेट रहें। इनकी मदद से रोज़मर्रा की कई चीजें सस्ती मिल सकती हैं।
महंगाई को पूरी तरह खत्म करना सरकार की जिम्मेदारी है – मौद्रिक नीति, कर घटाव और उत्पादन बढ़ाने वाले कदम जरूरी हैं। लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर ऊपर बताए गए छोटे‑छोटे उपाय अपनाकर आप अपनी जेब पर पड़ने वाला बोझ कम कर सकते हैं। याद रखें, खर्चा नियंत्रित करने में निरंतरता ही कुंजी है।