नोएडा में एक महिला को ऑनलाइन ऑर्डर की गई आइसक्रीम में जोंक मिली। महिला ने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा की और इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच शुरू की। अधिकारियों ने आइसक्रीम के नमूने इकट्ठा किए और प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजे। मामले की जांच जारी है और लोगों से ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट करने की अपील की गई है।
खाद्य सुरक्षा: आपके भोजन की रखवाली कैसे करें
भोजन हमारे शरीर का ईंधन है, लेकिन अगर वो साफ़ न हो तो बीमारी भी साथ लेकर आती है। इसलिए रोज़मर्रा में छोटे‑छोटे कदम उठाकर हम खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। चलिए जानते हैं कुछ आसान उपाय जो तुरंत काम आएँगे।
भोजन की सफाई के बेसिक नियम
सबसे पहले, सब्जियों और फलों को धुंधले पानी से धोना काफी नहीं है। हल्के साबुन वाले पानी या नींबू‑निम्बू मिलाकर दो‑तीन बार रगड़ें, फिर साफ़ पानी से अच्छी तरह निकलें। अगर संभव हो तो ब्रश से सतह को साफ़ करें, खासकर उन चीज़ों की जिनके छिलके नहीं होते जैसे टमाटर और खीरा।
दूध या दही जैसी डेयरी प्रॉडक्ट्स को फ्रिज में ही रखें और हमेशा पैकेज पर लिखे एक्सपायरी डेट को देखें। अगर दूध का रंग या गंध बदल गया तो फेंक दें, चाहे वह थोड़ा भी बचे।
खाद्य उद्योग के नियम और उपभोक्ता अधिकार
भारत में फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (FSSAI) ने कई दिशानिर्देश जारी किए हैं – जैसे कि पैकेजिंग पर नज़र रखें, उत्पाद की लाइसेंस जानकारी पढ़ें, और यदि कोई प्रोडक्ट ‘ब्याद’ के निकट है तो उसे तुरंत इस्तेमाल न करें। ये नियम सभी खाद्य निर्माताओं को लागू होते हैं, लेकिन उपभोक्ता भी अपनी सुरक्षा में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
यदि आपको किसी दुकान या रेस्तरां में खराब खाने की शंका हो, तो फ़ूड कॉम्प्लेन्ट पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराना आसान है। अक्सर ऐसी रिपोर्ट्स के बाद जल्दी जांच होती है और दोषी को सजा मिलती है। याद रखें, आपका एक छोटा कदम पूरे बाजार को साफ़ बना सकता है।
घर में भी कुछ छोटी‑छोटी आदतें बड़ी बदलाव ला सकती हैं। रसोई में कटा हुआ मांस या फिश अलग कंटेनर में रखें, रोज़ बर्तनों को 70°C तक गर्म पानी और साबुन से धोएँ, और गैस चूल्हे या इलेक्ट्रिक स्टोव की साफ‑सफाई पर ध्यान दें। ये सरल कदम बैक्टीरिया के फैलाव को काफी हद तक रोकते हैं।
अंत में, अगर आप बाहर खाने जाते हैं तो रेस्तरां का सफ़ाई स्तर देखें – टेबल क्लीनिंग, किचन ओपन या नहीं, और स्टाफ की स्वच्छता पर ध्यान दें। कभी‑कभी छोटे‑छोटे संकेत आपको बता देते हैं कि भोजन सुरक्षित है या नहीं। इस तरह जागरूक रहकर आप अपनी सेहत को नुकसान पहुँचाने वाले जोखिमों से बच सकते हैं।