तूफान 'फेंगल' का तमिलनाडु में असर दिखने लगा है। यह विशेष रूप से महाबलीपुरम और मरकनम के बीच तट से टकरा सकता है। 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक की तेज हवाएं चल रही हैं। चेन्नई और उत्तरी तमिलनाडु में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। कई प्रमुख क्षेत्रों में रेल और हवाई सेवाएँ प्रभावित हुई हैं। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की समीक्षा की है।
भारी बारिश – क्या हो रहा है और हमें कैसे बचना चाहिए?
अभी कई राज्यों में भारी बारिश ने लोगों की ज़िंदगी को मुश्किल बना दिया है। जलस्तर बढ़ने से सड़कों पर गड्ढे, घरों में पानी भरना और फसलें बर्बाद होना आम बात बन गया है। अगर आप भी इन क्षेत्रों में रहते हैं तो इस लेख में बताएँगे कि कौन‑कौन सी खबरें ताज़ा हैं, क्या कदम उठाने चाहिए और आगे की स्थिति कैसे देखनी है।
ताज़ा बारिश अपडेट – जहाँ-जहाँ सबसे ज्यादा असर
पिछले दो हफ्तों में उत्तर भारत, मध्य प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक में लगातार लहराती धुंध से बाढ़ की चेतावनी जारी की गई थी। मौसम विभाग ने बताया कि अगले 48 घंटे में कई जिलों में वर्षा 150 mm से अधिक हो सकती है। इस दौरान सड़कों पर ट्रैफ़िक जाम, स्कूल बंद और कुछ जगहों पर बिजली कटौती देखी गयी। अगर आप इन क्षेत्रों में हैं तो स्थानीय प्रशासन के अलर्ट को फॉलो करें और जरूरी सामान पहले ही तैयार रखें।
बचाव के आसान टिप्स – तुरंत क्या करें?
भारी बारिश आने से पहले कुछ छोटी‑छोटी चीज़ें कर सकते हैं:
- घर की खिड़कियों को बंद करके दरवाज़े पर रेत या बोराकस रख दें, इससे पानी अंदर नहीं घुसेगा।
- यदि घर के नीचे बेसमेंट है तो पंप या बाल्टी से पानी निकालें, ताकि बाद में ओवरफ़्लो न हो।
- इमरजेंसी किट तैयार रखें – टॉर्च, बैटरियां, ड्राय फ़ूड और बुनियादी दवाइयाँ।
यदि पानी का स्तर अचानक बढ़े तो तुरंत उच्च स्थान पर जाएँ और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। बाढ़ में फंसे वाहन या घर नहीं छोड़ना बेहतर रहता है, क्योंकि तेज़ धारा खतरनाक हो सकती है। आपातकालीन नंबर 112 को कॉल करके मदद माँगें; बचाव दल अक्सर नज़दीकी इलाकों से पहुंचते हैं।
भारी बारिश के बाद की सफ़ाई भी उतनी ही ज़रूरी है। गंदे पानी में रह गई बीमारियों से बचने के लिए घर के सभी सतहों को साफ‑सुथरा रखें, विशेषकर रसोई और बाथरूम। यदि जलजन्य संक्रमण के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
अंत में यह कहा जा सकता है कि मौसम का अनुमान कभी भी 100 % सटीक नहीं होता, इसलिए सतर्क रहना ही सबसे बड़ी बचाव योजना है। आप इस टैग पेज पर लगातार अपडेटेड समाचार पढ़ सकते हैं – चाहे वो बाढ़ की स्थिति हो, राहत कार्य या फिर अगले हफ़्ते के लिए संभावित बारिश का अंदाज़ा। अपनी जानकारी को ताज़ा रखें और जरूरत पड़ने पर सही कदम उठाएँ।
केरल के कन्नूर, कासरगोड, मलप्पुरम और कोझिकोड जिलों में भारी बारिश के कारण शैक्षिक संस्थानों को छुट्टी दी गई है। बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ की समस्या उत्पन्न हो गई है। स्थिति को ध्यान में रखते हुए छात्रों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है।