2025 का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च को हो रहा है, जो आंशिक रूप से दिखेगा। यह खास तौर पर उत्तरी अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और रूस के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। भारत और इसके पड़ोसी देशों में इसे नहीं देखा जा सकेगा। यह खगोलीय घटना वैज्ञानिकों और सांस्कृतिक रूप से खास मानी जाती है।
2025 सौर ग्रहण: कब, कहाँ और सुरक्षित ढंग से कैसे देखें
क्या आप जानते हैं कि 2025 में एक बड़ा सूर्यग्रहण आएगा? यह घटना कई शहरों में साफ‑सुथरी दिखाई देगी और अगर सही तैयारी करें तो शानदार नजारा मिल सकता है। नीचे हम बता रहे हैं कब होगा, कौन‑से इलाके सबसे अच्छे देखेंगे और आँखें बचाने के आसान उपाय क्या हैं।
सूर्यग्रहण कब होगा?
2025 का कुल सूर्यग्रहण 12 अक्टूबर को होगा। इस दिन सूरज पूरी तरह या भागिक रूप से छिपेगा, यह आपके स्थान पर निर्भर करेगा। भारत में उत्तर‑पूर्वी राज्य जैसे असम, बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों में पूर्ण ग्रहण देख सकते हैं, जबकि दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसी जगहों पर आंशिक सूर्यग्रहण दिखाई देगा। स्थानीय समय के अनुसार ग्रहण का अधिकतम चरण शाम 5:30 बजे शुरू होगा और लगभग एक घंटे तक रहेगा।
देखने के सुरक्षित तरीके
सूर्य की तेज रोशनी से आँखें नुकसान पहुँचा सकती हैं, इसलिए सुरक्षा पहले आती है। सबसे भरोसेमंद तरीका है विशेष सूर्यग्रहण चश्मा (इंडेक्स ‑ 14) का प्रयोग करना। साधारण धूप के चश्मे या फोटोफिल्टर काम नहीं करेंगे। अगर आपके पास चश्मा नहीं है तो आप घर पर बनाये हुए सोलर प्रोजेक्शन पद्धति से ग्रहण देख सकते हैं – एक कार्डबोर्ड पर छोटे छेद से सूरज की रोशनी को दीवार पर प्रोजेक्ट करें और उस प्रतिबिंब को देखें।
एक बात ध्यान में रखें कि चश्मा या फिल्टर टूटे नहीं हों, अगर कोई खामि दिखे तो तुरंत बदल दें। बच्चों और बुज़ुर्गों को भी समान सुरक्षा उपकरण देना आवश्यक है क्योंकि उनकी आँखें अधिक संवेदनशील होती हैं।
ग्रहण का विज्ञान और महत्व
सूर्यग्रहण केवल एक सुंदर दृश्य नहीं, यह वैज्ञानिकों के लिए प्रयोग करने का मौका भी देता है। इस दौरान सूर्य की कोरोना (बाहरी परत) आसानी से देखी जा सकती है, जिससे खगोलीय शोध में मदद मिलती है। भारत के कई कॉलेज और अनुसंधान संस्थान इस दिन विशेष उपकरण लगाकर डेटा इकट्ठा करेंगे। अगर आप विज्ञान में रुचि रखते हैं तो स्थानीय एएसटीआरओ (खगोल विज्ञान क्लब) से संपर्क करके उनके साथ देखने का अवसर पकड़ सकते हैं।
समुदायिक स्तर पर कई शहरों में सूर्यग्रहण देखे जाने के लिए इवेंट आयोजित किए जाएंगे। आमतौर पर स्कूल, कॉलेज या सार्वजनिक पार्क में बड़े स्क्रीन लगे होते हैं जहाँ सुरक्षित फ़िल्टर लगा प्रोजेक्टर से ग्रहण दिखाया जाता है। ऐसे इवेंट में भाग लेकर आप न सिर्फ सही ढंग से देखें बल्कि दूसरों को भी सुरक्षा के बारे में जागरूक कर सकते हैं।
अंत में एक छोटा सुझाव: अगर आप फोटो या वीडियो लेना चाहते हैं तो विशेष सौर फ़िल्टर वाले कैमरा लेंस का इस्तेमाल करें, नहीं तो तस्वीरें धुंधली या बिल्कुल नहीं आएँगी। और हाँ, ग्रहण के बाद सूरज को सीधे देखना बंद कर देना चाहिए – सुरक्षा हमेशा प्राथमिकता है।
तो तैयार हो जाइए! 12 अक्टूबर 2025 को अपने परिवार और मित्रों के साथ इस अद्भुत खगोलीय घटना का आनंद लें, पर याद रखें कि आँखों की रक्षा सबसे जरूरी है। आपका अनुभव साझा करें और दूसरों को भी सुरक्षित देखने में मदद करें।