प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ABP पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि दुनिया महात्मा गांधी को 1982 की फिल्म 'गांधी' के रिलीज़ होने से पहले नहीं जानती थी, लेकिन ऐतिहासिक तथ्य इससे विपरीत हैं। 1920 के दशक से ही महात्मा गांधी को अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मशहूर हस्तियों द्वारा पहचाना और सम्मानित किया गया था।
1982 फ़िल्मों का दौर: बॉलीवुड में कौन-कौन सी हिट थीं?
जब हम 80 के दशक की बात करते हैं, तो 1982 एक खास साल है। इस साल कई ऐसी फिल्में आईं जो आज तक लोगों के दिलों में बसी हुई हैं। आप अगर पुराने समय की याद करना चाहते हैं या नई पीढ़ी को क्लासिक दिखाना चाहते हैं, तो यह लिस्ट देखिए।
सबसे बड़े ब्लॉकबस्टर: ‘शॉलो’ और ‘हैरी पॉटर’ नहीं, बल्कि ये फिल्में!
साल 1982 में ‘श्री हंस राजपूत’, ‘वीरेंद्र’ और ‘सात फेरे’ जैसी फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाने वाली थीं। इन फिल्मों ने न सिर्फ़ कमाई की बल्कि संगीत, डायलॉग और एक्टिंग में भी नया ट्रेंड सेट किया। खास तौर पर ‘श्री हंस राजपूत’ का गाना “दिल्ली में हूँ मैं” आज तक प्ले होता है।
संगीत और यादें: 1982 के सुपरहिट गाने
किसी भी फ़िल्म की बात करते समय संगीत को नहीं भूलना चाहिए। इस साल रिहा हुए अल्बम ‘जॉनी मोर’ में से “बेटी जी” ने चार्ट्स पर धूम मचाई। लता मंगेशकर और कुमार सानू के डुओ ने कई हिट गाने गाए, जैसे ‘प्यार का नया रंग’। ये ट्रैक्स अभी भी रेडियो पर बजते हैं और युवा वर्ग में रीमिक्स बन रहे हैं।
अगर आप 1982 की फ़िल्मों को फिर से देखना चाहते हैं तो बहुत आसान है – कई स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर इनका रिमेक या ऑरिजिनल वर्ज़न उपलब्ध है। साथ ही, यूट्यूब पर क्लासिक सीन भी मिलते हैं जो आपको उस जमाने की झलक दे देंगे।
फ़िल्मों में दिखाए गए फैशन और स्टाइल को देख कर आप समझ पाएँगे कि आज के ट्रेंड कैसे विकसित हुए। 1982 में पतलून, बंधेज़ वाले कुर्ते और बड़े हेयरस्टाइल बहुत चलन में थे। इनको देखें तो पुराने ज़माने की सादगी का अहसास होगा।
एक बात याद रखें – क्लासिक फ़िल्में सिर्फ़ मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक संदेश भी देती हैं। ‘वीरेंद्र’ ने मेहनत और ईमानदारी के मूल्य को उजागर किया, जबकि ‘सात फेरे’ में परिवार की अहमियत पर ज़ोर दिया गया। ये थीम आज भी प्रासंगिक है।
आप अगर किसी फ़िल्मी क्विज़ या चर्चा समूह का हिस्सा बनना चाहते हैं तो इन फिल्मों के बारे में थोड़ा-बहुत ज्ञान रखना फायदेमंद रहेगा। किसने कौन सा पुरस्कार जीता, किन्हें सर्वश्रेष्ठ संगीत मिला – ये छोटे‑छोटे तथ्य आपकी बातचीत को और मज़ेदार बना देंगे।
तो देर न करें, 1982 की क्लासिक फ़िल्मों को फिर से देखें और उस ज़माने की खुशबू महसूस करें। चाहे आप अकेले हों या दोस्तों के साथ, इन फिल्मों का आनंद हमेशा खास रहेगा।