रूस 22 अक्टूबर 2024 को ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जिससे पश्चिमी देशों पर ताकत का प्रदर्शन किया जा सके। ब्रिक्स देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस मंच का उपयोग एक नए विश्व व्यवस्था की स्थापना के लिए कर रहे हैं। यह शिखर सम्मेलन वैश्विक मुद्दों पर चर्चा और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हो रहा है।
विश्व व्यवस्था का हालिया सार: क्या बदल रहा है?
हर रोज़ हमें विदेशों से नई‑नई खबरें मिलती हैं—बाजार में गिरावट, राजनीति में उलटफेर या फिर अंतरिक्ष में नया खोज। अगर आप ये सब एक जगह देखना चाहते हैं तो यही पेज आपका सही ठिकाना है। यहाँ हम सबसे ज़्यादा पढ़ी जाने वाली अंतरराष्ट्रीय ख़बरों को आसान भाषा में समझाते हैं ताकि आपको देर‑देर तक स्क्रॉल न करना पड़े।
ग्लोबल मार्केट की धड़कन
अमेरिका के शेयर बाजार में डाउ ज्यों‑ज्यों ऊँचा हो रहा है, लेकिन नैस्डैक की गति धीमी पड़ रही है। इसका मतलब है कि निवेशक टेक स्टॉक्स से हट कर औद्योगिक और डिविडेंड वाले शेयरों को देख रहे हैं। बांड यील्ड भी कम हो रहे हैं, इसलिए कई लोग अब रियल एस्टेट या सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों में पैसा डालना चाहते हैं। अगर आप अपने पोर्टफोलियो को संतुलित रखना चाहते हैं तो इस रोटेशन पर ध्यान देना जरूरी है।
दूसरी ओर, यूरोप और एशिया की बाजारें अभी भी अमेरिकी नीति‑निर्धारण के असर से हिलते‑डुलते दिख रही हैं। यूएस फेड की ब्याज दरों में बदलाव, डॉलर की मजबूती या कमजोरि—इन सबका सीधा प्रभाव निफ्टी, सेंसैक्स जैसे इंडेक्स पर पड़ता है। इसलिए जब आप शेयर खरीदें तो सिर्फ भारतीय समाचार नहीं, बल्कि विदेशी आर्थिक संकेतकों को भी देखिए।
जियोपोलिटिकल टर्नओवर
विश्व राजनीति में हाल ही में कई बड़े बदलाव हुए हैं। जॉर्डन ने 'प्लान 3000' पेश किया है जिसमें वह गाज़ा से हजारों हमास को निष्कासन करके संघर्ष खत्म करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन यह प्रस्ताव कई देशों की नाकाबंदी का कारण बन गया है। इसी तरह, यूरोप में मैड्रिड डर्बी जैसे बड़े फुटबॉल मैच भी राजनीति के साथ जुड़े रहते हैं—क्लबहाउस में चर्चा से लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया तक सब कुछ खबरों में आता रहता है।
अधिकांश देशों में अब 'वैश्वीकरण' का नया रूप देख रहा है। भारत, चीन और यूएस जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अपनी आपूर्ति श्रृंखला को दोबारा व्यवस्थित कर रही हैं। इसका असर रोज़मर्रा की कीमतों पर पड़ता है—उदाहरण के तौर पर, तेल की कीमतें या आयातित गैजेट्स की लागत। अगर आप अपने खर्च को कंट्रोल में रखना चाहते हैं तो इन बड़े आर्थिक बदलावों पर नज़र रखिए।
इन सभी खबरों का मुख्य लक्ष्य सिर्फ जानकारी देना नहीं बल्कि आपको निर्णय लेने में मदद करना है। चाहे आप निवेशक हों, छात्र हों या बस दुनिया में क्या चल रहा है जानना चाहें—यहाँ की हर बात आपके काम आ सकती है। आगे आने वाले सेक्शन में हम कुछ प्रमुख लेखों के बारे में बताएंगे, जिससे आपको गहरा समझ मिलेगा और आप जल्दी से अपडेट रह पाएँगे।
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