पूर्व यूट्यूब CEO सुसान वोजिकी का निधन हो गया है, उनके पति डेनिस ट्रॉपर ने उनके निधन की घोषणा की। सुसान ने यूट्यूब CEO पद से फरवरी 2023 में इस्तीफा दिया था। अपनी विदाई सन्देश में उन्होंने यूट्यूब और गूगल में अपने योगदान को याद किया और उद्योग में महिलाओं के लिए मार्ग प्रशस्त किया।
सुसान वोजिकि – यूट्यूब की पूर्व CEO और डिजिटल दुनिया में उनका असर
अगर आप कभी यूट्यूब देखते हैं, तो सुसान वोजिकि का नाम आपके दिमाग में ज़रूर आया होगा। वह सिर्फ एक कंपनी के सीईओ नहीं थीं, बल्कि वो वो व्यक्ति थीं जिसने प्लेटफ़ॉर्म को क्रिएटर‑फ्रेंडली बनाया और विज्ञापन मॉडल को सुधारा। इस लेख में हम उनके शुरुआती दिनों से लेकर यूट्यूब की आज़ादी तक का सफ़र सरल शब्दों में बताएँगे।
कैरियर की शुरुआत – गूगल के साथ जुड़ाव
सुसान ने 1998 में स्टैनफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री ली और तुरंत ही गूगल में जॉइन किया। वह पहली बार गूगल के पहले विज्ञापन प्रोग्राम, AdSense, को चलाने वाली टीम की सदस्य थीं। इस काम ने उन्हें डिजिटल एडवरटाइजिंग का गहरा ज्ञान दिया, जो बाद में यूट्यूब में उनके निर्णयों पर असर डालता रहा।
गूगल में उनका रोल धीरे‑धीरे बढ़ा और 2006 में उन्होंने यूट्यूब को खरीदा – एक ऐसा कदम जिसने इंटरनेट वीडियो को पूरी तरह बदल दिया। वह उस समय गूगल की सीईओ लरी पेज़ के साथ निकट काम करती थीं, जिससे कंपनी का फोकस कंटेंट पर अधिक केंद्रित हुआ।
यूट्यूब में नेतृत्व – नई दिशा और चुनौतियां
2014 में सुसान वोजिकि यूट्यूब की सीईओ बनीं। उनके तहत प्लेटफ़ॉर्म ने कई बड़े बदलाव देखे: विज्ञापन के लिए नया मॉनेटाइज़ेशन पॉलिसी, मोबाइल पर वीडियो देखने का बढ़ता ट्रेंड, और सबसे बड़ी बात – क्रिएटर इकोसिस्टम को सशक्त बनाना। उन्होंने कहा था, "क्रिएटर्स हमारी प्राथमिकता हैं" और इसके लिए उन्हें बेहतर रिवेन्यू शेयर, आसान लाइसेंसिंग टूल्स और म्यूज़िक लाइब्रेरी दी गईं।
उनके फैसले कभी‑कभी विवादास्पद भी रहे। 2017 में "डेमोनेटाइज़ेशन" पॉलिसी को लागू करने से कई छोटे चैनलों को नुकसान पहुंचा, पर सुसान ने इसे स्पष्ट किया कि यह प्लेटफ़ॉर्म को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक था। इस तरह की कठिन निर्णयों ने उन्हें उद्योग में सम्मान और आलोचना दोनों दिलवाई।
सुसान ने यूट्यूब को सिर्फ एक वीडियो होस्टिंग साइट नहीं बना दिया, बल्कि उसे सीखने, काम करने और कमाई करने का मंच बनाया। आज 2 बिलियन से ज्यादा लोग रोज़ इसका इस्तेमाल करते हैं – यही उनके काम का सबसे बड़ा प्रमाण है।
2023 में उन्होंने यूट्यूब की सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया, लेकिन उनका असर अब भी दिखता है। उनकी जगह सुश्री नीला बैनर ने ली, फिर भी सुसान के कई प्रोग्राम और नीतियां अभी भी काम कर रही हैं।
संक्षेप में, अगर आप डिजिटल मीडिया या ऑनलाइन कंटेंट बनाने का सोच रहे हैं, तो सुसान वोजिकि की कहानी आपको प्रेरित करेगी। उन्होंने दिखाया कि सही दिशा, डेटा‑ड्रिवेन निर्णय और क्रिएटर‑फ़र्स्ट एप्रोच से एक प्लेटफ़ॉर्म को विश्व स्तर पर ले जाया जा सकता है।
आपको अगर यूट्यूब या अन्य ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म में सफलता चाहिए, तो सुसान के कुछ मूलभूत सिद्धांत याद रखें: दर्शकों की जरूरत समझें, निरंतर नवाचार करें और हमेशा पारदर्शी रहें। यही तरीका उनके समय में काम आया, और आज भी काम करता है।