भारत टुडे की पूजा शाली के साथ विशेष बातचीत में, स्वर्ण पदक विजेता पैरालिंपियन नवदीप सिंह ने अपने करियर की चुनौतियों और संघर्षों के बारे में बताया। नवदीप ने खेल के प्रति अपने जुनून और मानसिक मजबूती को सफलता का महत्वपूर्ण कारण बताया। वायरल वीडियो के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने उसकी भूमिका को भी स्पष्ट किया।
पैरालिंपिक्स 2024: क्या है नया, कब देखें?
क्या आप जानते हैं कि पैरालिंपिक्स सिर्फ़ एक स्पोर्ट इवेंट नहीं, बल्कि अडिग साहस और मेहनत की कहानी है? इस बार 2024 का पैरालिंपिक टोक्यो में हुआ, लेकिन अगले चरण 2028 के लास वेगास में तय हो रहा है। अगर आप भी लाइव देखना चाहते हैं तो टीवी पर DD Sports, ऑनलाइन JioTV या आधिकारिक पैरालिंपिक्स ऐप से स्ट्रीम कर सकते हैं। हर दिन दो‑तीन मुख्य इवेंट होते हैं, इसलिए अपने टाइमटेबल में जगह बनाकर रखिए।
पैरालिंपिक्स क्या है?
पैरालिंपिक एक अंतर्राष्ट्रीय खेल मंच है जहाँ शारीरिक या मानसिक चुनौतियों वाले एथलीट प्रतिस्पर्धा करते हैं। इवेंट पाँच प्रमुख वर्गों में बंटे होते हैं: आँखें, हाथ‑पैर, मोटर, दिमागी क्षमता और मिलेटरी. हर वर्ग के अंदर अलग‑अलग स्पोर्ट्स जैसे तैराकी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, कुश्ती वग़ैरह होते हैं। इस सिस्टम से प्रत्येक खिलाड़ी को समान स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलता है।
ध्यान रखने वाली बात यह है कि पैरालिंपिक में वर्गीकरण (Classification) बहुत सटीक होता है; इससे एथलीट की शारीरिक क्षमताओं के अनुसार सही स्पोर्ट्स चुनना आसान हो जाता है। इस वजह से दर्शकों को भी खेल का स्तर स्पष्ट दिखता है और उत्साह बढ़ता है।
भारत की प्रमुख उपलब्धियां
भारतीय पैरालिंपिक एथलीटों ने पिछले कुछ इवेंट्स में धूम मचा दी है। 2020 के टोक्यो पैरा‑ओलंपिक में भवानी शंकर (शूटिंग) ने गोल्ड, राहुल पांडे (कुश्ती) ने सिल्वर और कई एथलीटों ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। 2024 में भी हमारी टीम ने दो नई रिकॉर्ड तोड़ें – ध्रुव बडवानी की तैराकी में 100 मीटर फ्रीस्टाइल में भारत का पहला गोल्ड, और समीरा कौर की टेबल टेनिस में सिल्वर। इन जीतों से न सिर्फ़ देश गर्वित हुआ बल्कि पैरालिंपिक को नई लोकप्रियता भी मिली।
अगर आप अपने शहर में एथलीट्स के ट्रैनिंग कैंप देखना चाहते हैं, तो राज्य खेल विभाग की वेबसाइट पर अपडेटेड शेड्यूल मिल जाएगा। अक्सर छोटे‑छोटे टूरनामेंट होते हैं जहाँ स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय चयन प्रक्रिया का अनुभव मिलता है।
साथ ही, पैरालिंपिक सपोर्ट करने के आसान तरीके भी हैं – जैसे कि सरकारी योजनाओं में दान देना, स्पॉन्सरशिप करना या सोशल मीडिया पर एथलीटों की कहानियां शेयर करना। हर छोटा कदम उनके लिए बड़ी मदद बनता है।
अब आप तैयार हैं पैरालिंपिक्स को समझने और उसके साथ जुड़ने के लिए? बस अपने कैलेंडर में इवेंट डेट नोट कर लीजिए, टेलीविज़न या ऐप पर लाइव देखिये और भारतीय एथलीटों की जीत का जश्न मनाइए। आप भी इस सफ़र का हिस्सा बन सकते हैं – चाहे दर्शक हों या सपोर्टर।