झारखंड में 22 मार्च 2025 को गंभीर मौसम के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया, जिसमें तेज आंधी-पानी, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। लोहरदगा, गुमला, और बेडो में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। सरकार ने प्रभावित किसानों के लिए तत्काल मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है।
ऑरेंज अलर्ट: समझें क्या है और कैसे तैयार रहें
आप रोज़ समाचार या मोबाइल पर कई तरह की चेतावनियां देखते हैं—कभी लाल, कभी पीली, तो कभी हरी. इनके बीच "ऑरेंज" एक मध्यम स्तर का संकेत देता है कि स्थिति गंभीर हो सकती है लेकिन अभी पूरी आपदा नहीं हुई। इस टैग पेज में हम आसान शब्दों में बताते हैं कब ऑरेंज अलर्ट जारी होता है और इसे देख कर आपको क्या करना चाहिए.
ऑरेंज अलर्ट कब जारी किया जाता है?
सरकार या मौसम विभाग तब ऑरेंज अलर्ट देते हैं जब किसी क्षेत्र में जोखिम बढ़ा हुआ हो। आम तौर पर यह तीन मामलों में देखा जाता है:
- मौसम संबंधी जोखिम: भारी बारिश, बाढ़ की संभावना, तेज़ हवा या गर्मी के कारण स्वास्थ्य खतरा।
- स्वास्थ्य चेतावनी: मौसमी रोगों का प्रसार, जैसे डेंगू, एंटीबायोटिक‑रेज़िस्टेंट बैक्टीरिया का बढ़ना।
- पर्यावरणीय खतरा: जंगल में आग, रासायनिक रिसाव या रेडियोधर्मी उत्सर्जन की संभावना।
जब आंकड़े दिखाते हैं कि जोखिम सीमा से थोड़ा ऊपर है, तो अधिकारियों को तुरंत जनसंख्या को सतर्क करने के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करना पड़ता है. यह अलर्ट लोगों को तैयार रखता है ताकि अगर स्थिति बिगड़ती भी है, तो नुकसान कम हो.
ऑरेंज अलर्ट से कैसे बचें?
एक बार जब आप देखेंगे कि आपके क्षेत्र में ऑरेंज अलर्ट आया है, तो नीचे दिए गए कदम तुरंत अपनाएँ:
- सूचना स्रोतों की पुष्टि करें: सरकारी वेबसाइट, मोबाइल ऐप या भरोसेमंद समाचार चैनल से सही जानकारी लें. अफवाहों पर मत चलें.
- सुरक्षा किट तैयार रखें: पानी, दवा, टॉर्च, बैटरी और आपातकालीन दस्तावेज़ एक जगह रखें. यह 24‑48 घंटे के लिये पर्याप्त होना चाहिए.
- बाहर निकलते समय सावधानी बरतें: अगर भारी बारिश या तेज़ हवा चल रही हो तो अनावश्यक यात्रा न करें. यदि आपको बाहर जाना पड़े, तो सुरक्षित रास्ते और कपड़े चुनें.
- स्वास्थ्य पर ध्यान दें: डेंगू‑प्रभावी इलाकों में मच्छरदानी का उपयोग बढ़ाएँ, पानी के टंकों को ढँक कर रखें. गर्मी की चेतावनी में हल्का कपड़ा और पर्याप्त हाइड्रेशन ज़रूरी है.
- स्थानीय आदेशों का पालन करें: कभी‑कभी अधिकारी कुछ क्षेत्रों को खाली करने या इमारतें बंद रखने की सलाह देते हैं. ऐसा करना आपका सबसे सुरक्षित कदम होगा.
ऑरेंज अलर्ट सिर्फ एक सूचना नहीं, बल्कि आपके और आपके परिवार की सुरक्षा के लिये एक मौका है. इसे नजरअंदाज न करें; छोटे‑छोटे बदलावों से बड़ी दुर्घटना को रोका जा सकता है.
यदि आप अक्सर ऐसे अलर्ट प्राप्त करते हैं, तो अपने पड़ोस में सामुदायिक जागरूकता समूह बनाएँ। साथ मिलकर सूचना शेयर करने से सबको जल्दी प्रतिक्रिया देने में मदद मिलेगी. याद रखें, तैयार रहने वाले लोग ही हमेशा सुरक्षित रहते हैं.