Orient Technologies के आईपीओ की अलॉटमेंट प्रक्रिया आज पूरी होगी। यह आईपीओ 21 अगस्त से 23 अगस्त के बीच ओपन था और इसे निवेशकों से जोरदार प्रतिक्रिया मिली। इस आईपीओ के तहत कुल 213 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया था। निवेशक अपने अलॉटमेंट स्टेटस को Link Intime India या बीएसई की वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं।
निवेशक: ताज़ा बाजार समाचार और उपयोगी टिप्स
आप निवेशक हैं और रोज़ाना कई आँकड़े, खबरें और विश्लेषण देखते‑देखते थक जाते हों? इस टैग पेज में हम वही चीज़ लाते हैं जो आपके पोर्टफ़ोलियो को समझदार बनाए। यहाँ पर आपको अमेरिकी शेयर बाज़ार का रोटेशन, भारत के बजट की श्योर असर, बांड यील्ड की चाल और रोज़मर्रा की ट्रेडिंग टिप्स मिलेंगे—सब हिंदी में, आसान भाषा में.
अमेरिकी बाजार में नया रोटेशन
डाउ अब नई ऊँचाइयों पर है, लेकिन टेक‑हैवी नैस्डैक धीमा चल रहा है। इस बदलाव का मुख्य कारण निवेशकों का टेक से बाहर निकल कर औद्योगिक, वित्तीय और डिविडेंड देने वाले शेयरों की ओर शिफ्ट होना है। बांड यील्ड में बढ़ोतरी, फेडरल रिज़र्व के रेट‑कट उम्मीदें और AI‑सेक्टर्स की कमाई रिपोर्ट इस मोड़ को तेज करती हैं। अगर आप विदेशी एसेट्स में निवेश करना चाहते हैं तो अब औद्योगिक इंडस्ट्रीज़ या डिविडेंड यील्ड वाले स्टॉक्स पर नज़र डाल सकते हैं—वे अधिक स्थिर रिटर्न दे सकते हैं।
भारत का बजट और शेयर बाज़ार
फरवरी 1, 2025 के बजट में टैक्स सुधारों की घोषणा हुई, जिससे निजी उपभोक्ता खर्च बढ़ने की संभावना है। इस खबर ने निफ्टी और सेंसेक्स को सकारात्मक दिशा दी, जहाँ निफ्टी 23,500 के ऊपर बंद हुआ और सेंसेक्स 741 अंक तक पहुंचा। निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि बजट में कौन‑कौन से सेक्टरों को प्रोत्साहन मिल रहा है—जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी और डिजिटल सेवाएँ। इन क्षेत्रों के शेयर आगे भी मजबूती दिखा सकते हैं।
साथ ही बांड यील्ड में हल्की गिरावट देखी गई, जिसका मतलब है कि फिक्स्ड‑इनकम निवेशकों को थोड़ी राहत मिली। अगर आपका पोर्टफ़ोलियो बैलेंस्ड है—शेयर और बॉन्ड दोनों का मिश्रण—तो बजट के बाद आप अपने एसेट अलोकेशन को फिर से जांच सकते हैं।
इस टैग में हम सिर्फ़ समाचार नहीं, बल्कि उनका प्रभाव भी समझाते हैं। हर लेख के नीचे एक छोटा "क्या करें?" सेक्शन होता है जो आपको तुरंत कार्रवाई करने का आसान तरीका देता है—जैसे स्टॉक्स की रिवर्सल या बांड खरीदने का टाइम.
अंत में याद रखें, बाजार हमेशा उतार‑चढ़ाव वाला रहता है। सबसे ज़रूरी है लगातार अपडेट रहना और सही जानकारी पर भरोसा करना। यहाँ पर मिलने वाली हर खबर आपके निवेश निर्णयों को सटीक बनायेगी—बिना जटिल शब्दों के, सीधे बिंदु तक.