नितीश कुमार रेड्डी ने अपने पहले टेस्ट मैच में शतक लगा कर भारतीय क्रिकेट टीम को संकट से उबारा। 21 वर्षीय रेड्डी ने 105 रन बनाए, जिससे भारत का स्कोर 358/9 तक पहुंचा। उनके और वाशिंगटन सुंदर के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी रही। यह मुकाबला कठिन परिस्थितियों में खेला जा रहा है, और रेड्डी का योगदान काफी सराहनीय है।
बॉक्सिंग डे टेस्ट: हर क्रिकेट प्रेमी को चाहिए ये जानकारी
आपने शायद सुना होगा ‘बॉक्सिंग डे टेस्ट’ शब्द, लेकिन इसका मतलब क्या है, कब शुरू हुआ और क्यों खास माना जाता है—ये सब समझना ज़रूरी है। आसान भाषा में बताने वाले हैं हम, ताकि आप अगले मैच को पूरी समझ के साथ देख सकें।
बॉक्सिंग डे टेस्ट क्या है?
बॉक्सिंग डे 26 दिसंबर को मनाया जाता है और कई देशों में यह छुट्टी का दिन होता है। क्रिकेट बोर्ड इसे एक बड़े अवसर के रूप में देखते हैं और अक्सर इस दिन या उसके आस‑पास एक टेस्ट मैच शेड्यूल करते हैं। इसलिए ‘बॉक्सिंग डे टेस्ट’ शब्द आया, जिसका मतलब है वह टेस्ट मैच जो बॉक्सिंग डे के दौरान शुरू होता है।
आमतौर पर यह मैच 5 दिनों का रहता है, लेकिन कुछ बार मौसम या अन्य कारणों से कम दिन में भी समाप्त हो जाता है। भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसी टीमें अक्सर इस अवसर को इस्तेमाल करके अपनी नई टीन वेस्टलाइन जाँचती हैं—जैसे नए बैट्समैन का फॉर्म देखना या स्पिनर की स्थिति तय करना।
हाल के प्रमुख बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच
पिछले कुछ सालों में कई यादगार बॉक्सिंग डे टेस्ट हुए हैं। 2023 में भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया का मैच बहुत चर्चा में रहा, जहाँ भारतीय पिच पर तेज़ गेंदबाज़ी ने काफी असर दिखाया और जीत की दिशा में महत्वपूर्ण मोड़ आया। इसी तरह 2022 में इंग्लैंड बनाम न्यूज़ीलैंड के बीच हाई‑स्कोरिंग टाई हुई, जिससे दोनों टीमों को बैटिंग लाइन‑अप को मजबूती मिली।
इन मैचों का एक खास पहलू यह है कि अक्सर टीमें अपने नई रणनीति और प्लेयर रोटेशन की जाँच करती हैं। उदाहरण के लिए, 2021 में भारत ने बॉक्सिंग डे टेस्ट में नए तेज़ गेंदबाज़ को मौका दिया था, जिससे उनके स्पिनर को आराम मिला और बॉलों पर नियंत्रण बेहतर रहा। ऐसे प्रयोगों से अगले सीरीज़ या टूरनमेंट में टीम की ताकत बढ़ती है।
यदि आप इस तरह के मैच देखना चाहते हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखें—पिच रिपोर्ट, मौसम का अनुमान और टीम की लाइन‑अप। पिच अगर तेज़ बॉलिंग के लिए तैयार हो तो बैट्समैन को अपने शॉट चयन में सावधान रहना पड़ता है, जबकि धीमी पिच पर स्पिनर अधिक असर डालते हैं।
अंत में, बॉक्सिंग डे टेस्ट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि क्रिकेट की रणनीति और टीम बिल्ड‑अप का महत्वपूर्ण मंच है। आप चाहे फैंस हों या विश्लेषक, इस मैच को समझकर आप अगले बड़े टूरनमेंट की भविष्यवाणी भी बेहतर कर सकते हैं।
तो अगली बार जब बॉक्सिंग डे आए, तो अपने टीवी के सामने बैठें और यह देखें कि कौन सी नई सितारा चमकेगा, कौन से प्लेयर का फॉर्म सुधरेगा और टीम कैसे अपनी जीत या हार की दिशा तय करेगी। मज़ा भी मिलेगा और क्रिकेट की गहरी समझ भी बढ़ेगी।