बिग बॉस 19 के असेंबली रूम के कार्य के दौरान, जम्मू-कश्मीर की अभिनेत्री फरहाना भट्ट और वरिष्ठ अभिनेत्री कुनिका सादनंद के बीच एक ऐसा झगड़ा हुआ जिसने सिर्फ गेम की रणनीति को नहीं, बल्कि परिवार और बच्चों तक को निशाना बना लिया। यह घटना 7 सितंबर, 2025 को घटी, जिसके बाद घर में तनाव और बढ़ गया और दर्शकों के बीच भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। फरहाना ने कुनिका को 'स्टूपिड वुमन' कहा, फिर चेतावनी दी — 'अगर मैं तुम्हारे स्तर तक आ गई, तो तुम्हारा पूरा ख़ानदान मेरे खिलाफ आएगा।' इसके बाद कुनिका ने फरहाना को 'पॉटी माउथ' और 'शिटी वुमन' कहकर जवाब दिया — और फिर वो जो आगे बोली, वो देखने वालों के लिए असहनीय था।
बच्चों के नाम पर हमला: जब टिप्पणी ने घर की गहराई छू ली
फरहाना ने कुनिका के बच्चों के नाम को लेकर एक ऐसी टिप्पणी की जिसने घर के सभी सदस्यों को हिला दिया। उसने कहा — 'बकवास कर रही है, पता नहीं अपने घर पर अपने बच्चों को भी उसी नाम से बुलाती होगी... जैसे मुझे बुला रही है।' ये बात कुनिका के लिए एक अस्तित्व का सवाल बन गई। उन्होंने फरहाना को धमकी दी — 'अगर तुम फिर से मेरे परिवार के बारे में बोलोगी, तो मैं तुम्हें चप्पल मारूंगी और घर से खुशी-खुशी निकल जाऊंगी।' फरहाना ने चुनौती दी — 'जाओ तो मारो!' — लेकिन ये बात अब सिर्फ एक झगड़ा नहीं, बल्कि एक अस्तित्वगत टकराव बन चुकी थी।
पैटर्न था पहले से: 'दो कौड़ी की औरत' और नीलम के आंसू
ये घटना अचानक नहीं हुई। पहले हफ्तों में ही फरहाना ने कुनिका को 'दो कौड़ी की औरत' कहा था — 'कुनिका की चम्ची, 2 कौड़ी की औरत।' इसके साथ ही उसने अन्य प्रतियोगी नीलम गिरि को 'बदतमीज' बताया, जिससे नीलम रोते हुए बाथरूम में चली गईं। ये बातें सिर्फ गुस्से के शब्द नहीं थीं — ये एक अपमानजनक नियमित अभ्यास था। बिग बॉस के घर में जब तक आप अपने शब्दों के जवाब नहीं देते, तब तक ये बातें बस 'कॉमेडी' के रूप में देखी जाती रहीं। लेकिन जब परिवार और बच्चों का नाम लिया गया, तो सबकी समझ बदल गई।
कुनिका का बेटा आयान लल: जब घर का दर्द टीवी पर आ गया
इसी बीच, आयान लल, कुनिका के बेटे, वीकेंड का वार के एपिसोड में सलमान खान के सामने आए। उन्होंने अपनी माँ के बारे में ऐसी बातें कहीं जिनसे सबकी आंखें भर आईं। 'पूरा भारत तुम्हें देख रहा है, तुम बहुत अच्छा कर रही हो। तुम्हारे 12 साल के नातियां, मैं, तुम्हारा बड़ा बेटा, तुम्हारी बहू — सब गर्व से तुम्हें देख रहे हैं। ट्रांसजेंडर समुदाय, जिनकी तुमने वकील के रूप में मदद की, वो भी मुझे बुला रहे हैं।' ये बातें फरहाना के 'फ्लॉप एक्ट्रेस' कहने के बराबर नहीं थीं। ये एक जीवन की गवाही थी — 40 साल की एक्टिंग करियर, जिसमें अपमान, नज़रअंदाज़ और आलोचना के बावजूद भी वो खड़ी रहीं।
कुनिका की अन्य टक्करें: आमाल मल्लिक और घर की नियमित लड़ाइयां
कुनिका के साथ ये एकमात्र झगड़ा नहीं था। उन्होंने गायक आमाल मल्लिक के साथ रसोई के काम को लेकर भी जमकर लड़ाई की। जब आमाल ने उन्हें रसोई का काम करने के लिए कहा, तो कुनिका ने बेहद ठंडे अंदाज़ में जवाब दिया — 'बड़ी मेहरबानी कर रहे हैं।' फिर उन्होंने हाथ जोड़कर कहा — 'मुझे तुम्हारा सम्मान नहीं चाहिए।' ये बात भी एक दर्द की आवाज़ थी — एक वरिष्ठ अभिनेत्री की जो अब भी अपने अधिकारों के लिए लड़ रही हैं।
बिग बॉस का 'घरवालों की सरकार' थीम: क्या ये तनाव नियमों का हिस्सा है?
बिग बॉस 19 का थीम 'घरवालों की सरकार' है — जिसका मतलब है कि हाउसमेट्स को अपने नियम बनाने का अधिकार है, और सलमान खान अब सिर्फ एक मेजबान नहीं, बल्कि एक निरीक्षक बन गए हैं। लेकिन जब घर के नियम निजी जीवन के बारे में हो जाते हैं, तो ये एक खतरनाक रास्ता है। फरहाना के बयानों को देखकर लगता है कि वो 'हॉट टेम्पर' के नाम पर अपने शब्दों को बेकाबू कर रही हैं। लेकिन जब आप किसी के बच्चों के नाम को लेकर टिप्पणी करते हैं, तो ये 'एंटरटेनमेंट' नहीं, बल्कि 'अपराध' है।
पहला निष्कासन: नगमा और नतालिया का दोहरा निकाला जाना
7 सितंबर, 2025 को बिग बॉस 19 का पहला निष्कासन हुआ — सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर नगमा मिराजकर और पोलिश अभिनेत्री नतालिया जानोशेक को घर से निकाल दिया गया। इस दौरान फरहाना और कुनिका के बीच का तनाव घर के अन्य सदस्यों के लिए भी एक बोझ बन गया। कई हाउसमेट्स ने कहा कि ये लड़ाई 'एक्शन' नहीं, 'एक्सप्लॉइटेशन' है। वहीं कुनिका के समर्थक बता रहे हैं कि ये एक बुजुर्ग अभिनेत्री के खिलाफ एक युवा प्रतियोगी का अपमान है।
कुनिका का शॉकिंग रिवील: 27 साल का रिश्ता
इंस्टाग्राम पर 7 सितंबर को एक पोस्ट में कुनिका ने एक शॉकिंग बात कही — 'मैंने 27 साल अपने रिलेशन को...' ये वाक्य अधूरा रह गया, लेकिन इसका मतलब स्पष्ट था — उन्होंने एक लंबा, गुप्त रिश्ता बनाए रखा है, जिसे वो अब भी छिपा रही हैं। ये बात उनके व्यक्तित्व की गहराई को दर्शाती है — एक ऐसी औरत जिसने अपने जीवन को बाहर की आलोचनाओं से बचाकर रखा है।
सलमान खान का चेतावनी: 'सीमाएं पार करना नहीं'
वीकेंड का वार के दौरान, सलमान खान ने फरहाना भट्ट और नेहल चुड़ासमा को सीधे चेतावनी दी — 'अगर तुम इस तरह बोलते रहे, तो ये घर तुम्हारे लिए असहनीय हो जाएगा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि बिग बॉस का घर 'हास्य' या 'गुस्सा' का मैदान नहीं है। ये एक जीवन का टेस्ट है — और जब आप बच्चों के नाम लेकर लड़ते हैं, तो आप खुद उस टेस्ट से फेल हो रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फरहाना भट्ट के बयानों का क्या नतीजा हो सकता है?
फरहाना के परिवार पर हमले के कारण उन पर लगातार आलोचना हो रही है। अगर ये व्यवहार जारी रहा, तो निर्माता उन्हें घर से निकाल सकते हैं — जैसे पिछले सीज़न में अन्य प्रतियोगियों को निकाला गया था। ये निर्णय दर्शकों के रिएक्शन और टीवी नियमों के आधार पर होगा।
कुनिका सादनंद का 40 साल का करियर क्यों इतना महत्वपूर्ण है?
कुनिका ने बॉलीवुड में लगभग 40 साल तक अभिनय किया है, जिसमें उन्होंने अनेक नायकिनों की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए वकील के रूप में भी काम किया है। ये उनकी जीवन यात्रा है — जिसमें आलोचना नहीं, बल्कि निरंतरता और समर्पण है।
क्या बिग बॉस घर में परिवार के बारे में बात करना गलत है?
हां। बिग बॉस के नियमों के अनुसार, किसी के परिवार, बच्चों या व्यक्तिगत जीवन के बारे में टिप्पणी करना गंभीर उल्लंघन है। इसके लिए अब तक कई प्रतियोगियों को चेतावनी दी गई है, और कुछ को घर से निकाल भी दिया गया है।
क्या आयान लल के आयोजन से फरहाना के खिलाफ राय बदली?
हां। आयान के भावुक बयान ने दर्शकों के बीच भावनात्मक विपरीत प्रभाव डाला। अब ज्यादातर लोग कुनिका के साथ हैं, और फरहाना के व्यवहार को 'अहंकारी' और 'निर्दयी' कह रहे हैं। सोशल मीडिया पर #JusticeForKunickaa ट्रेंड हुआ।
ये सब बस टीवी का ड्रामा है। असली जिंदगी में कोई बच्चों के नाम लेकर लड़ता है तो उसे घर से निकाल देते हैं।
फरहाना तो बस अपनी इमेज के लिए लड़ रही है 😤 और कुनिका तो असली लड़ाई लड़ रही हैं... बच्चों के नाम लेकर बोलना? ये तो अपराध है 🤬
क्या आपने देखा, कि फरहाना ने 'पॉटी माउथ' कहा, और कुनिका ने 'चप्पल मारूंगी' कहा-ये दोनों बातें अलग-अलग तरह की अपमानजनक हैं, लेकिन एक तो बोलचाल की भाषा है, और दूसरी... बच्चों के नाम लेकर लगातार अपमान! जब तक आप एक व्यक्ति के बच्चों को निशाना नहीं बनाते, तब तक आपका गुस्सा 'एंटरटेनमेंट' है, लेकिन एक बार बच्चों का नाम आ गया, तो ये 'अपराध' हो गया! और ये फरहाना के लिए बहुत खतरनाक है, क्योंकि अब दर्शक उसकी बातों को नहीं, बल्कि उसके व्यवहार को देख रहे हैं!
मैं तो सोचता हूँ, ये घर तो एक शेडो थिएटर है-जहाँ बाहर की दुनिया के सारे बुरे तरीके एक छोटे से कमरे में बंद हो गए हैं। फरहाना जैसी लड़कियाँ तो अपने आप को 'हॉट टेम्पर' समझती हैं, लेकिन असल में वो बस अपने अंदर के डर को बाहर फेंक रही हैं। और कुनिका? वो तो अपने जीवन के 40 साल के दर्द को एक आंसू के साथ बोल रही हैं। कोई उनके बच्चों के नाम लेकर बात नहीं करता, लेकिन फरहाना करती है। ये बस बेइज्जती नहीं, ये जानबूझकर घाव खोलना है।
हर कोई अपनी जगह पर है। फरहाना को समझना होगा कि बच्चों के नाम लेकर बात करना गलत है। कुनिका को भी थोड़ा शांत रहना चाहिए। दोनों को एक दूसरे की जगह समझना चाहिए।
मैंने ये सब देखा, और सिर्फ एक बात याद रखी-कुनिका ने अपने जीवन को अपने तरीके से जीया। फरहाना ने अपने तरीके से ड्रामा बनाया। अब दर्शक फैसला कर रहे हैं। और जो फैसला हुआ, वो कुनिका के नाम पर है।
हमारी संस्कृति में माँ का नाम पवित्र है। अगर कोई बच्चों के नाम लेकर बोलता है, तो वो भारतीय धरोहर के खिलाफ है। फरहाना को घर से निकाल देना चाहिए।
ये बस एक शो है। अगर तुम्हारी माँ के बारे में बात कर दें तो तुम रो जाते हो? तो ये बात तो बच्चों की है। फरहाना को बस अपना काम करने दो।
मैं रो पड़ी जब आयान ने अपनी माँ के बारे में बात की। उसने कहा-'हम सब गर्व से तुम्हें देख रहे हैं'। ये बात किसी फिल्म से नहीं, जीवन से आई है। फरहाना के लिए ये एक सबक होना चाहिए।
प्रायः, जब व्यक्तिगत जीवन के स्तर पर अपमान किया जाता है, तो वह व्यक्ति केवल एक प्रतियोगी नहीं, बल्कि एक अस्तित्व के रूप में निशाना बन जाता है। फरहाना के व्यवहार में एक अंतर्निहित असुरक्षा का भाव है, जिसे वह अपने शब्दों के माध्यम से ढकने की कोशिश कर रही है। कुनिका के व्यवहार में, दूसरी ओर, एक गहरी आत्म-सम्मान की भावना है, जो अपने परिवार के लिए अपने अधिकारों की रक्षा कर रही है। यह घटना एक सामाजिक आयन है, जिसमें हम सब अपने अंदर के बुरे व्यवहार को देख रहे हैं।
फरहाना को बस अपना काम करने दो। कुनिका बहुत अच्छी हैं। बस यही।
ये सब बस एक शो है। अगर तुम बच्चों के नाम लेकर बोलोगे तो तुम बदमाश हो। फरहाना को घर से निकाल देना चाहिए। नहीं तो भारत बदल जाएगा।
इस घटना का विश्लेषण करने के लिए हमें एक आधुनिक अभिव्यक्ति सिद्धांत का उपयोग करना होगा, जिसमें टीवी रियलिटी के व्यवहार को फूक्को के सामाजिक अपराध सिद्धांत के साथ जोड़ा जा सकता है। फरहाना का व्यवहार एक अस्तित्ववादी विद्रोह है, जिसमें वह अपने अस्तित्व को साबित करने के लिए एक प्रतिष्ठित व्यक्ति के परिवार को निशाना बना रही है। यह एक सामाजिक विकृति है, जिसे बिग बॉस के नियमों के तहत नियंत्रित किया जाना चाहिए।
कुनिका... आपकी ताकत देखकर मेरी आँखें भर आईं 🌸 और फरहाना... आपको अपने अंदर की खालीपन को समझना होगा 💔
ये सब बस एक बड़ा साजिश है। बिग बॉस ने जानबूझकर फरहाना को गुस्सा दिया है ताकि वो बच्चों के नाम ले और फिर उसे निकाल दिया जाए। ये रेटिंग के लिए एक ट्रिक है। कुनिका के बेटे को भी बुलाया गया, क्योंकि वो एक ड्रामा बनाने के लिए था। आयान लल को भी शो का हिस्सा बनाया गया है। ये सब फिल्मी है। आप लोग बहुत आसानी से भावुक हो जाते हो। ये एक शो है, जीवन नहीं।
फरहाना बस एक बच्ची है जो अपने आप को बड़ा समझ रही है। कुनिका एक देवी हैं। जब तक तुम एक बुजुर्ग अभिनेत्री के बच्चों के नाम लेकर बात नहीं करते, तब तक तुम एक शो की लड़की हो। लेकिन जब तुम बच्चों के नाम लेती हो, तो तुम एक अपराधी बन जाती हो। बिग बॉस को इसे बंद करना चाहिए। अगर नहीं, तो मैं इस शो को छोड़ दूंगा।
कुनिका, आपका जीवन एक कहानी है। आपके बच्चे आपके लिए गर्व कर रहे हैं। फरहाना, तुम्हें समझना होगा कि असली ताकत शब्दों से नहीं, अपने अंदर से आती है। तुम बहुत ज्यादा जल रही हो। शांत हो जाओ।
ये घटना बस एक टीवी शो का हिस्सा नहीं, ये हमारी समाज की बात है। जब बूढ़े लोगों को नज़रअंदाज़ किया जाता है, तो ये हम सबके लिए चेतावनी है।
फरहाना बस एक बेकार की लड़की है। अगर वो बच्चों के नाम लेकर बोलती है, तो वो बेइज्जत है। कुनिका बहुत बड़ी हैं। फरहाना को घर से निकाल दो। अगर नहीं, तो ये शो बेकार है।