तमिलनाडु के कल्लकुरिची जिले में जहरीली अवैध शराब पीने से मरने वालों की संख्या 56 हो गई है, जबकि 117 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। इस त्रासदी ने राजनीति में भी हलचल मचा दी है, क्योंकि विपक्षी नेताओं ने एक-दूसरे पर इल्ज़ाम लगाए हैं। इस घटना ने एक बार फिर भारत में सस्ती, अवैध शराब से होने वाली मौतों की समस्या को उजागर किया है।
अवैध शराब: खतरे, कानून और बचाव के आसान टिप्स
आपने कभी सोचा है कि बिना लाइसेंस वाले दारू पीना कितना खतरनाक हो सकता है? भारत में अवैध शराब से हर साल लाखों लोगों की जान जाती है। ये सिर्फ स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक और कानूनी समस्या भी है। चलिए इसको आसान शब्दों में समझते हैं ताकि आप खुद बच सकें या अपने आसपास के किसी को मदद कर सकें।
अवैध शराब क्यों घातक है?
पहला कारण है मेटिल अल्कोहल (मेथनॉल)। लाइसेंस वाले ब्रांड में मेथनॉल की मात्रा बहुत कम रखी जाती है, पर अवैध दारू में अक्सर इसे बढ़ा-चढ़ा कर मिलाया जाता है ताकि शराब का असर तेज़ हो। मेथनॉल आँखों और तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुँचाता है, कभी‑कभी अंधापन या मृत्यु भी कर सकता है। दूसरा कारण है साफ-सफाई की कमी। बिना नियमन के बनायीं दारू में जंग लगे धातु, गंदा पानी या विषाक्त रसायन मिल सकते हैं जो पेट, यकृत और दिल को नुकसान पहुँचाते हैं। तीसरा कारण है अधिक शराब पीने का झूठा भरोसा। सस्ते में जल्दी नशा मिलने की वजह से लोग ज्यादा मात्रा में पी लेते हैं, जिससे उल्टी, रक्तस्राव या अचानक मौत का खतरा बढ़ जाता है।
कानूनी कार्रवाई और दण्ड
भारत सरकार ने शराब के निर्माण, बिक्री और वितरण पर कठोर नियम लगाए हुए हैं। अगर कोई व्यक्ति बिना लाइसेंस की शराब बनाता या बेचता है तो उसे 10 साल तक जेल और भारी जुर्माना हो सकता है। राज्य स्तर पर भी अलग‑अलग दण्ड होते हैं; कुछ राज्यों में पहली बार पकड़े जाने पर ही लाइसेंस रद्द कर दिया जाता है। पुलिस अक्सर अनियमित शराब के ठिकानों की जाँच करती है, इसलिए अगर किसी को अवैध शराब मिलने का शंका हो तो तुरंत रिपोर्ट करें। यह न सिर्फ आपकी सुरक्षा बल्कि दूसरों की भी रक्षा करता है।
आप खुद कैसे बच सकते हैं? सबसे पहला कदम है विश्वसनीय स्रोत से ही शराब खरीदना—जिनका लाइसेंस और टैक्स रसीद उपलब्ध हो। अगर कीमत बहुत कम लग रही हो तो सावधान रहें; अक्सर यही सस्ता दारू अवैध होता है। दूसरा, पैकेजिंग देखें—ऑरिजिनल लेबल, बैरल नंबर या बारकोड के बिना कोई भी बोतल संदिग्ध होती है। तीसरा, शराब पीते समय किसी भरोसेमंद दोस्त को साथ रखें और अगर आपको पेट में दर्द, उल्टी या बेहोशी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
यदि आपके परिवार में शराब की लत है तो मदद लेना जरूरी है। सरकारी पुनर्वास केंद्र, एनजीओ या निजी क्लीनिक मुफ्त या कम शुल्क पर उपचार देते हैं। फोन पर हेल्पलाइन (1800‑XXX‑XXXX) पर कॉल करके आप अनाम रूप से सहायता ले सकते हैं। याद रखें, शराब की लत केवल पीने वाले को नहीं, पूरे परिवार को प्रभावित करती है; इसलिए समय रहते कदम उठाना सबसे अच्छा विकल्प है।
अंत में यही कहा जा सकता है कि अवैध शराब का खतरा बहुत बड़ा है लेकिन सही जानकारी और सावधानी से इसे टाला जा सकता है। जब भी आप दारू खरीदें, लाइसेंस की जाँच करें, कीमत पर भरोसा न रखें और अगर कोई समस्या दिखे तो तुरंत मदद माँगें। सुरक्षित रहिए, स्वस्थ रहिए—और अपने आस‑पास के लोगों को भी यही सलाह दें।