दिल्ली के मंगेशपुर मौसम स्टेशन ने 52.3°C तापमान के साथ भारत का सबसे उच्च तापमान दर्ज किया। हीटवेव के बीच यह रिकॉर्ड तापमान राजस्थान के फालोडी में दर्ज किए गए पिछले रिकॉर्ड को पार कर गया है। इस भीषण गर्मी के दौरान दिल्ली ने हल्की बारिश और तेज हवाओं का भी अनुभव किया। शहर की बिजली मांग ने भी रिकॉर्ड स्तर को छूते हुए 8,302 मेगावाट तक पहुँच गई।
52.3°c तापमान – क्या है असर और कैसे बचें?
भारत में अक्सर तापमान 50°C से ऊपर चढ़ जाता है, लेकिन जब रिकॉर्ड 52.3°C तक पहुँचता है तो बात कुछ अलग हो जाती है। इस टैग के तहत हम उन समाचारों को इकट्ठा करते हैं जहाँ इस तीव्र गर्मी ने लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी, फसलों और ऊर्जा मांग पर सीधा असर डाला है। आप यहाँ पढ़ेंगे कि कब‑कब ऐसा हुआ, क्या कारण रहे और आप खुद को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं।
भारी गर्मी के प्रमुख समाचार
पिछले साल राजस्थान के कुछ हिस्सों में 52.3°C तक तापमान दर्ज किया गया था। उस समय अस्पतालों में हीट‑स्ट्रोक और डीहाइड्रेशन की शिकायतें बढ़ गईं। इसी तरह, महाराष्ट्र की सड़कों पर एसी नहीं चलने वाले ट्रैफ़िक जाम ने लोगों को असुविधा में डाल दिया। इन घटनाओं के साथ-साथ बिजली कटौती भी आम थी क्योंकि पावर प्लांट्स को अधिक लोड संभालना पड़ता था।
जब तापमान इतनी ऊँचाई पर पहुँचता है तो कृषि क्षेत्र भी झटका खाता है। धान, गन्ना और सब्ज़ियों की फसलें जलवायु तनाव से जूझती हैं, जिससे उत्पादन घटता है और बाजार में कीमतें बढ़ती हैं। किसान अक्सर बोरेरॉसिस (पानी की कमी) की समस्या का सामना करते हुए अतिरिक्त सिंचाई उपाय अपनाते हैं, जो फिर पानी के संसाधन पर दबाव डालता है।
स्वास्थ्य सुरक्षा: सरल टिप्स
गर्मियों में शरीर को ठंडा रखना आसान नहीं होता, लेकिन कुछ छोटे‑छोटे कदम बड़े बदलाव ला सकते हैं। सुबह‑शाम के समय बाहर निकलें जब धूप कम तीव्र हो। पानी की बोतल हमेशा साथ रखें और हर घंटे थोड़ा‑थोड़ा पीते रहें; एक बार में बहुत सारा पानी पीने से उल्टी या पेट दर्द हो सकता है।
कपड़ों का चुनाव भी महत्वपूर्ण है—हल्के रंग, ढीले कपड़े शरीर को ठंडा रखते हैं। अगर एसी नहीं है तो फैन के साथ बर्फ़ वाले टॉवल को गले पर रखकर ठंडक मिलती है। बच्चों और बुजुर्गों की निगरानी खास तौर पर रखें; वे हीट‑स्ट्रोक के सबसे ज़्यादा खतरे में होते हैं।
खाना‑पीना भी गर्मी से लड़ने का हिस्सा बन सकता है। हल्का, कम मसाले वाला भोजन लें और ठंडा फल जैसे तरबूज, खीरा और संतरा अधिक खाएँ। तेलीय या भारी व्यंजन पचाने में समय लेते हैं, जिससे शरीर का तापमान बढ़ता है।
अंत में, स्थानीय मौसम विभाग की चेतावनियों को नज़रअंदाज़ न करें। अगर ‘हीट वेव अलर्ट’ जारी हो तो बाहर के काम को न्यूनतम रखें और घर के अंदर वेंटिलेशन को बेहतर बनाएं। छोटे‑छोटे सावधानियों से आप इस 52.3°C की गर्मी में भी स्वस्थ रह सकते हैं।