दिल्ली-एनसीआर में एयर क्वालिटी 450 के पार, GRAP-IV लागू: सभी निर्माण बंद, वाहनों पर पाबंदियां

दिल्ली-एनसीआर में एयर क्वालिटी 450 के पार, GRAP-IV लागू: सभी निर्माण बंद, वाहनों पर पाबंदियां

दिस॰, 14 2025

दिल्ली का हवा का गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शनिवार, 13 दिसंबर, 2025 को तीन बजकर एक मिनट पर 450 के पार पहुंच गया — और ये नंबर न सिर्फ एक आंकड़ा था, बल्कि एक चेतावनी की घंटी थी। तुरंत, Commission for Air Quality Management (CAQM) की उप-समिति ने GRAP-IV के सभी कड़े नियम लागू कर दिए। ये पहली बार नहीं, लेकिन इतनी तेजी से एक्यूआई 400 के ऊपर जाना — और फिर 450 तक पहुंचना — इस साल का सबसे खतरनाक प्रदूषण तूफान है। दिल्ली के आसपास के राज्यों में रहने वाले लगभग 4.6 करोड़ लोगों की सेहत अब एक अज्ञात और खतरनाक हवा के खिलाफ लड़ रही है।

GRAP-IV के नियम: जो सब कुछ बंद हो गया

GRAP-IV के तहत, सभी निर्माण और विध्वंस गतिविधियां — चाहे वो सरकारी हों या निजी — पूरे एनसीआर में रोक दी गईं। ये सिर्फ इमारतों का मामला नहीं है। हाईवे, फ्लायओवर, पाइपलाइन, बिजली लाइनें, टेलीकॉम टावर — सब बंद। एक निर्माण कंपनी के कर्मचारी ने कहा, "हमारे पास अभी तक दो सप्ताह का काम बाकी है, लेकिन अब तो सब ठहर गया। बिजली भी नहीं चल रही, हवा इतनी खराब है कि लोग बाहर नहीं निकल रहे।"

वाहनों के लिए भी नियम कठोर हैं। दिल्ली के बाहर के लाइट कमर्शियल वाहन (LCVs) अब शहर में नहीं आ सकते, जब तक कि वे इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस-वीआई डीजल न हों। और ये भी सिर्फ आवश्यक सेवाओं के लिए। दिल्ली के अंदर, बीएस-IV और पुराने डीजल वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद है। एक टैक्सी ड्राइवर ने बताया, "मेरी कार 2018 की है — बीएस-IV। अब मैं बैठा हूं, बिना कमाए। लोग घरों में छिप गए हैं, कोई यात्रा नहीं कर रहा।"

कार्यालय, स्कूल, शिक्षा: सब घर पर

गवर्नमेंट ऑफ नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ दिल्ली (GNCTD) ने घोषणा की कि सभी सरकारी और निजी कार्यालयों में कर्मचारियों की 50% ताकत को घर पर काम करने के लिए भेजा जाएगा। केंद्र सरकार भी अपने नौकरशाहों के लिए इसी नीति पर विचार कर रही है। ये निर्णय बस आराम के लिए नहीं, बल्कि वाहनों की संख्या कम करने के लिए है — क्योंकि ट्रैफिक इस तूफान का एक बड़ा कारण है।

शिक्षा का मामला और भी गंभीर है। कक्षा VI से IX और XI के बच्चों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई अनिवार्य हो गई है। कक्षा X और XII के छात्रों के लिए भी हाइब्रिड मोड पर विचार किया जा रहा है। एक शिक्षक ने कहा, "हमारे स्कूल में बच्चों के फेफड़ों का टेस्ट कराया गया — 12% में सांस लेने में तकलीफ दिखी। ये बस एक दिन का खतरा नहीं, ये लंबे समय तक का नुकसान हो सकता है।"

क्यों इतना तेज़ बिगड़ा एक्यूआई?

क्यों इतना तेज़ बिगड़ा एक्यूआई?

ये सिर्फ दिल्ली की गलती नहीं है। ये एक तूफान है जो उत्तर प्रदेश के कृषि अपशिष्ट जलाने, हरियाणा और पंजाब के उद्योगों के निकास, और दिल्ली के ट्रैफिक जाम से मिलकर बना है। जब GRAP-III लागू हुआ था, तब एक्यूआई 349 था। अगले 12 घंटे में ये 450 पर पहुंच गया। ये गति किसी आम दिन की नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक आपात स्थिति है।

Commission for Air Quality Management के अनुसार, GRAP-IV केवल तब लागू होता है जब एक्यूआई 430 या उससे अधिक हो। लेकिन ये बार अलग है — तापमान शून्य के पास, हवा शांत, और धुंध जमीन पर चिपकी हुई। ये एक बर्फ के ढेर की तरह है — जिसमें धुआं फंस गया है।

अगले कदम: क्या और बंद होगा?

CAQM ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वे अतिरिक्त उपाय तैयार करें — जैसे कॉलेज बंद करना, अनावश्यक व्यापारिक गतिविधियां रोकना, और यहां तक कि ओड-ईवन वाहन प्रणाली लागू करना। ये निर्णय अभी तक नहीं लिए गए, लेकिन वे तैयार हैं। एक प्रशासनिक अधिकारी ने कहा, "अगर आज रात तक एक्यूआई 470 तक नहीं गिरा, तो हम ओड-ईवन पर चले जाएंगे।"

उद्योगों के लिए भी अब सिर्फ आवश्यक सेवाएं ही चल सकती हैं। जिन कारखानों को चलने की अनुमति है, उन्हें अपने निकास को 90% तक कम करना होगा। ये बहुत कठिन है — कई छोटे उद्यम अब बंद हो गए हैं।

कब तक चलेगा ये तूफान?

कब तक चलेगा ये तूफान?

GRAP-IV को तब तक लागू रखा जाएगा जब तक एक्यूआई 430 के नीचे लगातार 48 घंटे न रहे। ये शुक्रवार तक नहीं होगा — और शायद सोमवार तक भी नहीं। हवा का बहाव अभी भी शून्य के पास है। जब तक बारिश नहीं होगी, तब तक ये धुंध नहीं उड़ेगी।

ये दिन सिर्फ एक एक्यूआई रिपोर्ट नहीं है — ये एक चेतावनी है। हम एक ऐसे देश में रह रहे हैं जहां एक दिन के लिए एक्यूआई 450 तक पहुंच जाता है, और फिर हम वापस अपनी आदतों में लौट जाते हैं। लेकिन ये बच्चों के फेफड़ों के लिए अपराध है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

GRAP-IV क्या है और ये किस तरह अलग है?

GRAP-IV, यानी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का चौथा और सबसे कठोर चरण है, जो तब लागू होता है जब एयर क्वालिटी इंडेक्स 430 या उससे अधिक हो जाता है। इसमें सभी निर्माण कार्य, बीएस-IV डीजल वाहनों की आवाजाही, और 50% कार्यालयीन कर्मचारियों का घर पर काम करना शामिल है। GRAP-III से इसका अंतर यह है कि यहां वाहन प्रतिबंध अधिक कठोर हैं और शिक्षा संस्थानों के बंद होने की संभावना भी है।

क्या दिल्ली के बाहर के वाहनों को प्रवेश की अनुमति है?

केवल इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस-वीआई डीजल वाहन ही दिल्ली में प्रवेश कर सकते हैं, और ये भी केवल आवश्यक सेवाओं के लिए — जैसे अस्पताल की आपातकालीन आपूर्ति, खाद्य वितरण या दवाओं की डिलीवरी। अन्य सभी वाहनों को शहर के बाहर रोक दिया गया है। यह नियम एनसीआर के अन्य राज्यों से आने वाले लाइट कमर्शियल वाहनों पर भी लागू है।

शिक्षा संस्थानों के बंद होने की संभावना क्यों है?

एयर क्वालिटी इंडेक्स 450 के पार होने पर हवा में PM2.5 कण जहरीले हो जाते हैं — जो बच्चों के फेफड़ों में घुल जाते हैं। इसलिए, कक्षा VI से IX और XI के बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई पर ले जाया गया है। कॉलेज और विश्वविद्यालय बंद किए जाने की संभावना तब बढ़ जाती है जब एक्यूआई 470 के पार जाता है, जो अभी तक नहीं हुआ है, लेकिन अगले 48 घंटे में हो सकता है।

GRAP-IV कब तक चलेगा?

GRAP-IV तब तक लागू रहेगा जब तक एक्यूआई लगातार 48 घंटे तक 430 के नीचे न रहे। अभी हवा शांत है, और बारिश की कोई संभावना नहीं है। इसलिए, यह नियम कम से कम अगले 5-7 दिनों तक चल सकता है। दिल्ली के लिए यह एक लंबा और बेहद कठिन समय हो सकता है।

क्या ओड-ईवन वाहन प्रणाली लागू होगी?

अभी तक ओड-ईवन का आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन CAQM ने राज्यों को इसकी तैयारी के लिए निर्देश दिए हैं। अगर एक्यूआई 470 के पार पहुंचता है, तो ओड-ईवन लागू करने की संभावना 80% है। यह प्रणाली पहले भी 2016, 2017 और 2023 में लागू की गई थी, और हर बार एक्यूआई में 15-20% की कमी आई थी।

इस तरह के प्रदूषण के लंबे समय तक के प्रभाव क्या हैं?

शोधों के अनुसार, लगातार एक्यूआई 400+ की स्थिति में रहने वाले बच्चों में अस्थमा का खतरा 3.5 गुना बढ़ जाता है। वयस्कों में फेफड़ों की क्षमता में 15-20% की कमी हो सकती है। दिल्ली के एक अस्पताल में इस साल पहले 11 महीने में 1,20,000 से अधिक अस्थमा के मामले दर्ज किए गए — जो पिछले साल की तुलना में 40% अधिक है। ये सिर्फ एक दिन की बात नहीं, ये एक पीढ़ी का स्वास्थ्य खतरा है।

10 टिप्पणियाँ

  • aneet dhoka
    के द्वारा प्रकाशित किया गया aneet dhoka
    08:53 पूर्वाह्न 12/14/2025

    ये सब बस नाटक है। सरकार तो हर साल यही करती है - एक्यूआई 450 हुआ, GRAP-IV लागू, फिर एक हफ्ते बाद भूल जाती है। पर जब चुनाव आएगा तो फिर से वही वादे। असली जिम्मेदार कौन है? वो जो खेतों में खलिहान जलाता है, वो जो बिना फिल्टर वाली कार चलाता है, और वो जो बिना बिजली बिल के बिजली चुराता है। लेकिन हम तो हमेशा बाहर के लोगों को दोष देते हैं।

  • Harsh Gujarathi
    के द्वारा प्रकाशित किया गया Harsh Gujarathi
    12:59 अपराह्न 12/15/2025

    बहुत बढ़िया लिखा है ❤️ ये सिर्फ एक तूफान नहीं, ये हमारी जिम्मेदारी का एक बड़ा सवाल है। अगर हम सब एक दिन के लिए भी घर से बाहर न निकलें, तो भी हवा साफ हो सकती है। बच्चों के लिए ये एक नया अध्ययन है - हम उन्हें बताएं कि स्वच्छ हवा भी एक अधिकार है। 🌿

  • Krishnendu Nath
    के द्वारा प्रकाशित किया गया Krishnendu Nath
    18:40 अपराह्न 12/15/2025

    अरे भाई ये तो बस बात बन गई है एयर पॉल्यूशन की! दिल्ली में तो हर दिन यही होता है लेकिन अब तो लोग बाहर निकलने के लिए मास्क पहन के जा रहे हैं जैसे कोई एलियन वाला शहर हो। मैंने अपने बेटे को घर पर ही रख दिया है अब तो बाहर नहीं जाने दे रहा। इस धुंध में तो चश्मा भी धुंधला हो जाता है 😅

  • Boobalan Govindaraj
    के द्वारा प्रकाशित किया गया Boobalan Govindaraj
    07:36 पूर्वाह्न 12/16/2025

    हां भाई ये तो सच में डरावना है पर हम अभी भी बच सकते हैं! घर पर रहो, एयर प्यूरिफायर लगाओ, घर में पौधे रखो, और अपने आसपास के लोगों को बताओ। ये एक दिन का नहीं बल्कि एक जीवन का बदलाव शुरू हो सकता है। तुम एक छोटा सा कदम उठाओ, दुनिया बदल जाएगी 💪🌱

  • mohit saxena
    के द्वारा प्रकाशित किया गया mohit saxena
    21:44 अपराह्न 12/16/2025

    अगर तुम्हारे घर में एयर प्यूरिफायर नहीं है तो कोई बात नहीं। एक बड़ा बाल्टी लो, उसमें पानी भरो, और उसके ऊपर एक चादर बिछा दो। एक पंखा लगा दो और उसे उस चादर की ओर घुमाओ। ये घर के अंदर हवा साफ करने का सस्ता तरीका है। अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हें वीडियो भेज देता हूं। बच्चों के लिए ये बहुत जरूरी है।

  • Sandeep YADUVANSHI
    के द्वारा प्रकाशित किया गया Sandeep YADUVANSHI
    13:58 अपराह्न 12/18/2025

    ये सब बस एक लोकतंत्र का अभिनय है। जब तक हमारे नेता अपने जेट्स चलाते रहेंगे, तब तक ये धुंध नहीं उड़ेगी। दिल्ली के एक्यूआई 450 है, पर उत्तर प्रदेश के एमएलए के घरों में एयर कंडीशनर चल रहा है। ये असमानता का नाम है। आपके बच्चे के फेफड़े नहीं, बल्कि आपके बैंक बैलेंस के लिए ये सब चल रहा है।

  • nithin shetty
    के द्वारा प्रकाशित किया गया nithin shetty
    14:24 अपराह्न 12/18/2025

    GRAP-IV के नियमों में क्या ये शामिल है कि लोग अपने घरों में आग लगाएं? क्योंकि अगर नहीं तो तापमान शून्य के पास है, हवा शांत है, और धुंध जमीन पर चिपकी हुई है - तो ये एक बर्फ के ढेर की तरह है जिसमें धुआं फंस गया है? ये तुलना वैज्ञानिक रूप से गलत है। बर्फ के ढेर में धुआं नहीं फंसता, बल्कि वायुमंडलीय उलटाव घटना है। और ये बारिश के बिना तब तक नहीं टूटेगी जब तक वायु प्रवाह न बदले।

  • Aman kumar singh
    के द्वारा प्रकाशित किया गया Aman kumar singh
    13:51 अपराह्न 12/20/2025

    हम भारतीय हैं और हम अपनी जड़ों से जुड़े हैं। ये धुंध हमारी पीढ़ियों की भूल नहीं, बल्कि हमारी जागृति का नया अध्याय है। मैंने अपने गांव में बच्चों को सिखाया है कि जलाने के बजाय खलिहान को कम्पोस्ट बनाएं। अगर हर एक गांव ऐसा करे, तो ये तूफान एक दिन खत्म हो जाएगा। हम एक साथ कर सकते हैं। 🙏

  • UMESH joshi
    के द्वारा प्रकाशित किया गया UMESH joshi
    21:28 अपराह्न 12/20/2025

    इस तरह की वायु प्रदूषण की स्थिति हमें एक बुनियादी सवाल पर विचार करने के लिए मजबूर करती है - क्या हम विकास को अपने स्वास्थ्य के ऊपर रख रहे हैं? ये निर्माण, ये वाहन, ये उद्योग - ये सब आज के लिए हैं, लेकिन कल के लिए नहीं। हमारे बच्चे जब बड़े होंगे, तो वे पूछेंगे कि हमने उनके लिए क्या किया? और हम क्या जवाब देंगे? ये सवाल सिर्फ एक नियम के बारे में नहीं, बल्कि हमारी नैतिकता के बारे में है।

  • pradeep raj
    के द्वारा प्रकाशित किया गया pradeep raj
    16:49 अपराह्न 12/22/2025

    इस प्रदूषण के लंबे समय तक के प्रभावों को एक बहुआयामी दृष्टिकोण से देखना आवश्यक है। ये न केवल वायुमंडलीय रासायनिक प्रक्रियाओं का परिणाम है, बल्कि सामाजिक असमानता, शहरी योजनाबद्धता की कमी, और नियामक लागू करने में विफलता का भी परिणाम है। जब तक हम व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ-साथ संस्थागत प्रतिबद्धता को भी समान रूप से नहीं लेंगे, तब तक ये चक्र बरकरार रहेगा। आपके घर का एयर प्यूरिफायर अच्छा है, लेकिन जब तक आपके शहर का नियोजन बदल नहीं जाएगा, तब तक ये एक टाइम बम है।

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