11 नवंबर, 2025 को मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने अपना 107वां स्थापना दिवस मनाया। यह सिर्फ एक बैंक का जश्न नहीं था — यह भारत के आर्थिक इतिहास के एक प्रतीक का जश्न था। लगभग 9,000 लोग मौजूद रहे, जबकि 50,000 से अधिक कर्मचारी और ग्राहक देशभर के 140 क्षेत्रीय और 22 क्षेत्रीय कार्यालयों से ऑनलाइन जुड़े। इस दिन बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए एक नई डिजिटल दुनिया का दरवाजा खोला — और भारत के छोटे व्यवसायों को एक नया हथियार दिया।
107 साल की विरासत, एक नई दिशा
यूनियन बैंक की शुरुआत 1919 में हुई थी, और आज यह देश का सबसे विश्वसनीय सार्वजनिक क्षेत्र का बैंकों में से एक बन गया है। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग के सचिव M नागाराजू (आईएएस) ने इस अवसर पर कहा, '1919 में स्थापित यूनियन बैंक ने लाखों जीवनों को छूया है और देश की आर्थिक वृद्धि में योगदान दिया है।' उन्होंने बैंक के एकीकरण के बाद की उत्कृष्ट प्रगति की भी तारीफ की। लेकिन यहां एक बात अलग है — यह बैंक अब सिर्फ बचत और ऋण नहीं देता, वह डिजिटल अर्थव्यवस्था का निर्माण कर रहा है।
यूनियन ईबिज़: छोटे व्यवसायों के लिए एक तोप
इस दिन की सबसे बड़ी घोषणा थी — यूनियन ईबिज़। यह एक मोबाइल ऐप है जो एमएसएमई और व्यापारी ग्राहकों के लिए बनाया गया है। 20+ जर्नी और 300+ सुविधाओं के साथ, यह ऐप अब बिजनेस बैंकिंग को एकदम नया रूप दे रहा है। क्या आपको अपने व्यापार में कर्मचारियों को अलग-अलग एक्सेस राइट्स देने हैं? यूनियन ईबिज़ कर सकता है। क्या आपको दर्जनों बिलों को एक साथ भुगतान करना है? वह भी कर सकता है। यह ऐप बस एक टूल नहीं है — यह एक साथी है। और यह अभी से उपलब्ध है।
यूनियन ईज़: रिटेल ग्राहकों के लिए आने वाला बड़ा बदलाव
जबकि यूनियन ईबिज़ व्यापारियों के लिए तैयार है, तो यूनियन ईज़ रिटेल ग्राहकों के लिए आ रहा है। इसका लोगो इस दिन उजागर किया गया, लेकिन इसकी लॉन्च अभी बाकी है। यह ऐप आम ग्राहकों के लिए बैंकिंग को सरल, तेज और व्यक्तिगत बनाने का वादा करता है। यह ऐप अपने आप में एक छोटी सी क्रांति होगी — जहां आप बिना किसी लाइन के, बिना किसी फॉर्म के, अपने खाते का निरीक्षण कर सकेंगे। बैंक ने इसे 'ग्राहक-केंद्रित नवाचार' का नाम दिया है। और अब यह नाम बस एक नारा नहीं रहा।
51 नई शाखाएं, एक नई छवि
डिजिटल बैंकिंग के साथ-साथ, यूनियन बैंक ने अपनी भौतिक उपस्थिति को भी बढ़ाया। M नागाराजू ने वर्चुअली 51 नई शाखाएं और कार्यालय शुरू किए। इनमें ओंगोल क्षेत्र के पोडिली और चिलकापड़ू शामिल हैं। तेलंगाना के मंचेरियल में पांच नई शाखाएं और एक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) भी शुरू किए गए। यह केवल विस्तार नहीं है — यह एक संकल्प है। जहां गांवों में बैंकिंग की जरूरत है, वहां बैंक आएगा। यह अभी तक का सबसे बड़ा भौतिक विस्तार है।
राष्ट्र के लिए एक निःशुल्क दान
इस दिन का एक और प्रेरणादायक पहलू था — कर्मचारियों का राष्ट्रीय रक्षा कोष में योगदान। यूनियन बैंक के कर्मचारियों ने अपने वेतन से ₹21.68 करोड़ राष्ट्रीय रक्षा कोष में दान किए। यह एक आंकड़ा नहीं, एक भावना है। यह बताता है कि यह बैंक केवल आर्थिक सेवाएं देने तक सीमित नहीं है — यह देश के साथ जुड़ा है।
मुंबई से लेकर हैदराबाद तक: एक देश एक जश्न
मुंबई का कार्यक्रम नहीं था अकेला। ओंगोल में बैंक के सभी कार्यालयों ने भव्य तरीके से जश्न मनाया। हैदराबाद के आरटीसी कल्याण मंडप में सांस्कृतिक कार्यक्रम, नृत्य और ग्राहकों के लिए इंटरैक्टिव एक्टिविटीज़ हुईं। यह एक देशव्यापी आंदोलन था। जहां भी यूनियन बैंक का नाम था, वहां उसकी छवि बढ़ी। एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर नितेश रंजन ने मुंबई के कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद दिया। और शाम को एक सांस्कृतिक प्रस्तुति ने बैंक की विरासत को गाया — जिसमें लोक गीत, नृत्य और बैंक के इतिहास के रंग दिखे।
आगे क्या है?
अब यूनियन ईज़ ऐप का लॉन्च बाकी है। यह लॉन्च अगले तीन महीनों में होने की उम्मीद है। इसके बाद बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए एक और चुनौती रखी है — ग्रामीण बैंकिंग को और अधिक सुलभ बनाना। राष्ट्रीय रक्षा कोष के योगदान की इस परंपरा को आगे बढ़ाने का भी फैसला किया गया है। और सबसे बड़ी बात — यह बैंक अब बस बैंक नहीं रहा। यह एक डिजिटल नेटवर्क है, एक सामाजिक संस्था है, और एक राष्ट्रीय पहल है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यूनियन ईबिज़ ऐप किन लोगों के लिए है और यह कैसे काम करता है?
यूनियन ईबिज़ ऐप एमएसएमई, व्यापारी और छोटे उद्यमियों के लिए बनाया गया है। इसमें 300+ सुविधाएं शामिल हैं, जिनमें कर्मचारियों को एक्सेस राइट्स देना, बड़े पैमाने पर भुगतान, बिल सेटलमेंट और रिकॉर्ड ट्रैकिंग शामिल है। यह ऐप व्यापारी को बैंक में जाए बिना अपना पूरा बिजनेस मैनेज करने की सुविधा देता है।
यूनियन ईज़ ऐप कब लॉन्च होगा और इसका फायदा क्या होगा?
यूनियन ईज़ ऐप अभी लॉन्च नहीं हुआ है, लेकिन अगले तीन महीनों में रिटेल ग्राहकों के लिए उपलब्ध होने की उम्मीद है। इसका फायदा यह होगा कि आम ग्राहक अपने खाते की स्थिति, ट्रांसफर, बिल भुगतान और निवेश सभी एक ही ऐप से कर सकेंगे — बिना किसी लाइन या फॉर्म के।
यूनियन बैंक ने इस दिन 51 नई शाखाएं क्यों खोलीं?
इन नई शाखाओं का उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं को देश के दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचाना है। ओंगोल और मंचेरियल जैसे क्षेत्रों में बैंकिंग की जरूरत बहुत अधिक है। इन शाखाओं से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आर्थिक समावेशन बढ़ेगा।
कर्मचारियों ने ₹21.68 करोड़ क्यों दान किए?
यह दान राष्ट्रीय रक्षा कोष के लिए किया गया, जो भारतीय सुरक्षा बलों के लिए अतिरिक्त सुविधाओं और समर्थन के लिए उपयोग किया जाता है। यह एक सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है — जहां बैंक के कर्मचारी अपने आर्थिक लाभ का एक हिस्सा देश के लिए दे रहे हैं।
यूनियन बैंक का वित्तीय प्रदर्शन कैसा है?
30 सितंबर, 2025 तक, यूनियन बैंक का वैश्विक व्यापार ₹22.10 लाख करोड़ था और यह 16 करोड़ ग्राहकों की सेवा कर रहा था। यह भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सबसे बड़ा बैंकों में से एक है, और इसकी वृद्धि लगातार तेज है।
यूनियन बैंक का भविष्य क्या है?
यूनियन बैंक का भविष्य डिजिटल और सामाजिक दोनों पहलुओं पर केंद्रित है। यह अपने ग्राहकों के लिए नए ऐप्स लॉन्च करेगा, ग्रामीण क्षेत्रों में शाखाएं खोलेगा, और सामाजिक जिम्मेदारी के लिए अपनी परंपराओं को बनाए रखेगा। यह बस एक बैंक नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय साझेदार बन रहा है।
बहुत बढ़िया! 🎉 यूनियन ईबिज़ वाला ऐप तो बस जानवर है। छोटे दुकानदार अब बैंक जाने की जरूरत ही नहीं होगी। जय हिंद! 🇮🇳
यूनियन ईबिज़ अच्छा है पर क्या इसमें ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट कमजोर हो तो क्या होगा? थोड़ा ऑफलाइन फीचर भी डाल देते।
ये सब बकवास है। बैंक ने राष्ट्रीय रक्षा कोष में पैसे दिए? हा हा हा... ये सब फेक न्यूज़ है। असल में ये पैसे सरकार के अन्य खातों में जा रहे हैं। आप लोगों को बस नज़र धोया जा रहा है।
इतनी बड़ी डिजिटल इनोवेशन के बाद भी अगर गांवों में बैंक की शाखाएं खोल रहे हैं, तो ये असली नेतृत्व है। टेक्नोलॉजी और भौतिक उपस्थिति दोनों का संगम - ये वो चीज़ है जो असली बदलाव लाती है।
यूनियन ईज़ ऐप लॉन्च होने वाला है? बस इंतज़ार है कि ये भी डेटा चोरी करने का नया तरीका निकाल ले। अभी तक किसी भी बैंक का ऐप नहीं चला जो बैकग्राउंड में नहीं चल रहा हो।
अरे भाई ये बैंक तो असली हीरो बन गया! शाखाएं खोली, ऐप लॉन्च किया, देश के लिए पैसे दान किए - ये तो सिर्फ बैंक नहीं, देश का दिल है! 💪🔥
यूनियन ईबिज़ की 300+ सुविधाओं में से अधिकांश व्यापारियों के लिए बेहद उपयोगी हैं - खासकर बिल सेटलमेंट और कर्मचारी एक्सेस कंट्रोल। लेकिन ये ऐप जितना अच्छा होगा, उतना ही इसकी यूजर एजुकेशन जरूरी होगी। बहुत से छोटे व्यापारी डिजिटल टूल्स के बारे में अनजान हैं।
ये बैंक तो अब बस बैंक नहीं रहा बल्कि एक नेशनल इंस्टीट्यूशन बन गया है। देश के लिए दान करना, गांवों में शाखाएं खोलना, डिजिटल टूल्स बनाना - ये सब एक साथ कर रहे हैं। बहुत बढ़िया काम किया है!
यूनियन ईबिज़ ऐप को डाउनलोड कर लिया, बहुत आसान है। पहली बार में बिल भुगतान कर दिया। अब बैंक जाने की जरूरत ही नहीं। बस थोड़ा अधिक भारतीय भाषाओं में ऑप्शन चाहिए।
अरे ये सब बस बड़े बैंकों की लाइक फार्मूला है। एक ऐप बना दो, कुछ शाखाएं खोल दो, फिर मीडिया में बड़े बड़े नंबर दिखा दो। असली ग्राहकों को क्या फर्क पड़ता है? वो तो अभी भी लाइन में खड़े हैं।
यूनियन बैंक के कर्मचारियों ने ₹21.68 करोड़ दान किए? ये बिल्कुल झूठ है! ये पैसे तो बैंक के बजट में से निकाले गए हैं - जिन्हें बाद में टैक्स छूट के रूप में वापस मिल जाएगा! ये सब गैर-पारदर्शी गेम है।
यूनियन ईबिज़ के बारे में बहुत सारे फीचर्स बताए गए हैं, पर क्या इसमें एफडी या पेंशन प्लान्स का ऑप्शन भी है? या फिर ये सिर्फ बिजनेस ट्रांजैक्शन्स के लिए है? कुछ क्लैरिटी चाहिए।
भाई ये बैंक तो अब बस बैंक नहीं - ये तो भारत की आत्मा है! गांवों में शाखाएं, डिजिटल ऐप, रक्षा कोष में दान - ये सब एक साथ करने वाला कोई और बैंक नहीं है। ये तो जाति, भाषा, धर्म को पार करके एकजुट कर रहा है।
डिजिटल बैंकिंग का विकास अच्छा है, लेकिन क्या हम इसके साथ इंसानी संबंधों को खो रहे हैं? एक बैंक अधिकारी का मुस्कुराता चेहरा, एक छोटी सी बातचीत - ये भी तो सेवा का हिस्सा है। क्या हम इसे भूल रहे हैं?
यूनियन ईबिज़ के फीचर्स को लेकर एक विस्तृत विश्लेषण करना चाहूंगा। ऐप के अंदर एक्सेस कंट्रोल मॉड्यूल का आर्किटेक्चर एक एक्स्टर्नल आईडीपी के साथ इंटीग्रेटेड है या इंटर्नल ऑथेंटिकेशन सिस्टम पर आधारित है? बिल सेटलमेंट फ्लो में एक्सचेंज रेट एप्लीकेशन कैसे है? और क्या यह सभी ट्रांजैक्शन्स के लिए आरबीआई के निर्देशों के अनुरूप है? इसके लिए एक टेक्निकल डॉक्यूमेंटेशन जारी किया जाना चाहिए।
यूनियन ईबिज़ ऐप में ग्राहक एक्सेस राइट्स का फीचर है - तो ये तो बहुत बढ़िया है। लेकिन क्या ये ऐप बच्चों के लिए भी बनाया गया है? या फिर ये सिर्फ बड़े लोगों के लिए है? कुछ बेसिक फीचर्स तो बच्चों के लिए भी चाहिए।
यूनियन बैंक की ये बड़ी डिजिटल और भौतिक विस्तार योजना वाकई प्रेरणादायक है। लेकिन एक बात साफ है - जब तक हम अपने ग्रामीण ग्राहकों को डिजिटल साक्षरता के साथ नहीं जोड़ पाएंगे, तब तक ये ऐप बस एक खूबसूरत डिज़ाइन ही रहेंगे। इसके लिए एक ग्रामीण डिजिटल शिक्षा अभियान की जरूरत है।
हर बैंक अपने आप को नेशनल हीरो बता रहा है। लेकिन ये बैंक तो लाखों गरीबों के बचत खातों को फीस लगाकर लूट रहा है। रक्षा कोष में दान? ये सब धोखा है। आप लोग इस बात को भूल गए कि बैंक का मुख्य लक्ष्य लाभ कमाना है - देश की सेवा नहीं।