रेल विकास निगम (RVNL) और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) के शेयर यूनियन बजट से पहले नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। बजट से पहले किए गए घोषणाओं और रेलवे में निवेश की प्रत्याशाओं ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। इसमें नए कोच और अमृत भारत ट्रेनों के उत्पादन की घोषणाएं शामिल हैं। अन्य रेलवे शेयरों में भी तेजी देखी गई है।
रेलवे बजट 2025 – क्या बदलेगा आपकी यात्रा?
हर साल फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में सरकार नया बजट पेश करती है। इस बार रेलवे विभाग का हिस्सा खासा ध्यान खींच रहा है क्योंकि कई बड़े प्रोजेक्ट्स और किराया‑संबंधी फैसले सामने आए हैं। अगर आप रोज़ ट्रेन से सफर करते हैं तो ये बदलाव आपके लिये सीधे असर डालेंगे।
बजट की मुख्य घोषणाएँ
पहला बड़ा पॉइंट है हाई‑स्पीड रेल के लिए फंडिंग में 30% वृद्धि. नई दिल्ली‑मुंबई, चेन्नई‑कोलकाता जैसी प्रमुख रूट्स पर गति बढ़ाने की योजना है। दूसरा कदम है इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव्स का विस्तार – अगले पाँच साल में 5,000 नई ई‑लोको को डिप्लॉय करने का वादा किया गया है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 2,000 किलोमीटर नई ट्रैकिंग लाइनें बनानी हैं।
साथ ही, फ्रीट (माल) सेक्टर में टैक्स रिबेट की घोषणा हुई है ताकि छोटे व्यापारी ट्रेन से माल ढुलाई को अपनाएं. इस कदम से लॉजिस्टिक्स खर्च घटेगा और सामान जल्दी ग्राहक तक पहुँचेगा। बजट दस्तावेज़ में डिजिटल टिकिटिंग, एआई‑आधारित शेड्यूल मैनेजमेंट और स्टेशन पर वाई‑फाई विस्तार की भी बात हुई है.
यात्रियों और उद्योग पर असर
सबसे बड़ी खबर यात्रियों के लिए किराया राहत की है। सामान्य वर्ग में 5% तक छूट, एसी क्लास में 3% तक कटौती का प्रावधान है. यह सिर्फ टिकट कीमत नहीं घटाएगा बल्कि ट्रेन भरने का प्रतिशत भी बढ़ा सकता है। छोटी दूरी पर रैपिड एक्सप्रेस सेवाओं को दो‑तीन घंटे कम करने की कोशिश होगी, जिससे काम‑काजी लोग समय बचाएंगे.
इंडस्ट्री के हिसाब से इलेक्ट्रिक लोको की बढ़ोतरी से पेट्रोल‑डिज़ल खर्च में बड़ी कमी आएगी. इससे रेलवे कंपनी का ऑपरेटिंग कॉस्ट घटेगा और फ्रीट रेट्स को भी स्थिर रखने में मदद मिलेगी। साथ ही, हाई‑स्पीड प्रोजेक्ट्स के लिए निजी पार्टनरशिप (PPP) मॉडल अपनाने की योजना है, जिससे निवेशकों को भी भरोसा मिलेगा.
अगर आप छोटे शहर या गांव से बड़े शहर जा रहे हैं तो नई ट्रैकिंग लाइनें आपके यात्रा विकल्पों को बढ़ाएंगी. अब तक कई स्थानों पर ट्रेन नहीं चलती थी, लेकिन इस बजट के बाद उन क्षेत्रों में भी नियमित सेवाएं शुरू हो सकती हैं। इससे स्थानीय रोजगार और व्यापार दोनों को बूस्ट मिलेगा.
एक और बात जो अक्सर अनदेखी रह जाती है – सुरक्षा. बजट में सिग्नलिंग सिस्टम का आधुनिकीकरण, डेज़र्ट ट्रैफ़िक कंट्रोल सेंटर की स्थापना और एआई‑आधारित दुर्घटना रोकथाम तकनीक को फंडेड करने का उल्लेख है. इसका मतलब ट्रेनें अधिक सुरक्षित चलेंगी और देरी कम होगी.
अंत में यह कहा जा सकता है कि रेल बजट सिर्फ राजकोषीय आंकड़े नहीं, बल्कि आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जुड़ी कई चीजों को बदलता है. अगर आप इस साल ट्रेन से यात्रा करने का सोच रहे हैं तो नई स्कीम्स के बारे में अपडेटेड रहें और टिकट बुकिंग करते समय नई छूट या सुविधाओं को देखना न भूलें.
सारांश में, 2025 का रेलवे बजट गति, किफ़ायतीपन, सुरक्षा और डिजिटल सुविधा पर फोकस कर रहा है. इन पहलुओं को समझकर आप अपने यात्रा प्लान को बेहतर बना सकते हैं और साथ ही देश के आर्थिक विकास में भी योगदान दे सकते हैं.