नाग पंचमी, एक महत्वपूर्ण हिंदू पर्व, जिसे सर्प देवताओं का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है। 2024 में, यह पर्व 8 अगस्त को पड़ेगा। श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। इस दिन भक्तजन सुबह से ही सांपों को दूध, फूल और अन्य वस्त्र अर्पित करते हैं और भगवान शिव के मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं।
नाग पञ्चमी: क्यों है यह खास और कैसे करें सही जश्न?
नाग पञ्चमी हर साल शरद ऋतु में आती है, जब सर्प देवता विष्णु के साथ जुड़े होते हैं। इस दिन कई लोग स्नान करते हैं, पूजन करते हैं और मछली, केला जैसे विकल्प खाते हैं। अगर आप भी इस त्यौहार को सही तरीके से मनाना चाहते हैं तो नीचे दिया गया गाइड पढ़ें – आसान, सरल और भरोसेमंद.
नाग पञ्चमी कब है? 2025 की तिथि और समय
इस साल नाग पञ्चमी का दिन 15 जुलाई 2025 को पड़ता है। वैदिक कैलेंडर के अनुसार यह कर्तक मास की पंचमी है, यानी शुक्ल पक्ष की पाँचवीं तारीख। सुबह 06:00 बजे से शाम तक स्नान और पूजा का समय माना जाता है। अगर आप यात्रा की योजना बना रहे हैं तो इस तिथि को याद रखें – कई मंदिरों में विशेष कार्यक्रम होते हैं जो आपके अनुभव को खास बनाते हैं.
पूजा कैसे करें? आसान स्टेप‑बाय‑स्टेप गाइड
1. स्नान: सुबह जल्दी नीरज जल (शुद्ध पानी) में स्नान करें। अगर आपके पास कंकड़ या रेत नहीं है, तो घर के टब में ही कर सकते हैं – बस पानी को साफ रखें.
2. प्रसाद तैयार करें: आम, केला और चावल से बने व्यंजन सबसे प्रचलित हैं। आप इन्हें शाकाहारी भी बना सकते हैं, लेकिन मांस या शराब नहीं रखनी चाहिए.
3. धूप जल अर्पण: घर में या मंदिर में धूप और दीप जलाईए। फिर नारियल के तेल से सर्प प्रतिमा या पवन घुड़ (सांप) की तस्वीर पर तेल लगाएँ.
4. आरती व मंत्र: "ॐ नः शं नारायणाय नम:" इस मंत्र को तीन बार दोहराएं। फिर सभी को हाथ जोड़कर शुभकामनाएँ दें.
5. दान और परोपकार: गरीबों को भोजन, कपड़े या दवाइयाँ बाँटें। कई लोग सर्प विष (यदि सुरक्षित हो) का दान भी देते हैं, जिससे रोग नियंत्रण में मदद मिलती है.
इन स्टेप्स को फॉलो करके आप नाग पञ्चमी के लाभ पूरे घर में ले जा सकते हैं – सुख‑शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि.
अगर आप इस दिन बाहर निकलना चाहते हैं तो कुछ प्रमुख स्थानों पर विशेष आयोजन होते हैं। भारत में कर्नाटक का मुथी (सर्प मंदिर), उत्तराखंड की काश्मीर घाटी और महाराष्ट्र के शिर्डी में बड़े झांकियां लगते हैं। इन जगहों पर भीड़ होती है, इसलिए जल्दी पहुंचें और सुरक्षित रखें.
याद रखिए, नाग पञ्चमी सिर्फ एक त्योहारी दिन नहीं, बल्कि प्रकृति की शक्ति को सम्मान देने का अवसर है। सर्प हमारे पर्यावरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं – किटनियों को खाने से रोग नियंत्रित रहता है. इस बात को भी ध्यान में रखें और सर्पों के संरक्षण के लिए छोटे‑छोटे कदम उठाएँ.
आशा है यह गाइड आपके लिये मददगार रहा होगा। नाग पञ्चमी की शुभकामनाएं, और आपका दिन मंगलमय हो!