लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में दोपहर 3 बजे तक विभिन्न राज्यों में कुल मतदान प्रतिशत 35% से 40% के बीच देखा गया है। कुछ राज्यों में मध्यम से उच्च मतदान देखा गया, जबकि महाराष्ट्र, विशेषकर मुंबई में मतदाता भागीदारी के मामले में पिछड़ा हुआ है।
कम मतदान: क्या हो रहा है और कैसे बदल सकते हैं
हर चुनाव में वोटों का घटता प्रतिशत अक्सर चर्चा में रहता है. लोग पूछते हैं – कम मतदान क्यों? जवाब बहुत सारा है, पर कुछ मुख्य कारणों को समझने से समाधान भी निकलेगा.
मुख्य वजहें जो मतदान को रोकती हैं
पहला कारण है जानकारी की कमी. कई बार लोग नहीं जानते कि उनके वोट का क्या असर होगा. दूसरी तरफ, चुनावी प्रक्रिया को जटिल या समय लेने वाला मानते हैं – मतदाता सूची में नाम नहीं मिलना, पर्चा भरने के लिए दूर जाना आदि.
तीसरा कारण सामाजिक है: युवा वर्ग अक्सर राजनीति से जुड़ाव महसूस नहीं करता. उन्हें लगता है कि उनका वोट बड़े बदलाव लाने में काम नहीं आएगा. ये सोच धीरे‑धीरे पूरे समाज में फैली हुई है.
कम मतदान के दुष्परिणाम
जब वोटों की संख्या घटती है, तो सरकार का वैधता कम हो जाता है. निर्णयों को व्यापक जनसमर्थन नहीं मिल पाता और लोकतंत्र की ताकत कमजोर पड़ती है. इसके अलावा, निचले स्तर पर स्थानीय मुद्दे अनसुने रह जाते हैं.
कम भागीदारी से राजनीतिक दल भी अपनी नीति बनाते समय केवल वही समूह देखते हैं जो बार‑बार वोट देते हैं. इससे सामाजिक असमानता और गहरी हो सकती है.
वोटर टर्नआउट बढ़ाने के आसान उपाय
1️⃣ जागरूकता अभियानों को स्थानीय भाषा में चलाएँ. लोग तभी भाग लेंगे जब उन्हें समझ आए कि उनके वोट का क्या महत्व है.
2️⃣ मतदान स्थलों की दूरी घटाएँ. मोबाइल बॉक्स, ड्रॉप‑ऑफ़ पॉइंट या घर से ऑनलाइन मतदान विकल्प पेश करने से बहुत मदद मिलती है.
3️⃣ युवाओं को शामिल करें. कॉलेज और यूनिवर्सिटी में डिबेट, क्विज़ वर्कशॉप आयोजित कर उन्हें राजनीति के साथ जोड़ें.
4️⃣ सुविधाजनक समय तय करें. कार्य दिवस के बाद या शनिवार‑रविवार पर मतदान की सुविधा देना कई लोगों का काम आसान बनाता है.
5️⃣ सामाजिक मीडिया का सही उपयोग. छोटे वीडियो, इन्फोग्राफिक्स और वास्तविक कहानियों से वोट करने की भावना को उभारा जा सकता है.
क्या आप भी भाग ले सकते हैं?
हर व्यक्ति का एक अधिकार है – अपना मत डालने का. अगर आप अभी तक नहीं गए, तो अगले चुनाव में जरूर जाएँ. अपने परिवार और दोस्तों को भी प्रेरित करें; मिलकर ही हम कम मतदान की समस्या को बदल सकते हैं.
दैनिक समाचार भारत पर हर दिन ताज़ा समाचार आते रहते हैं, जिसमें राजनीति, चुनाव और वोटर जागरूकता से जुड़ी खबरें भी शामिल हैं. यहाँ आप आसानी से पढ़ सकते हैं कि आपके क्षेत्र में कौन‑से मुद्दे चल रहे हैं और कैसे आप प्रभावी रूप से भाग ले सकते हैं.
आखिरकार, लोकतंत्र का मज़बूती तभी होगी जब हर आवाज़ सुनी जाए. इसलिए अगली बार जब मतदान केंद्र के पास आएँ, तो अपने वोट को मत भूलें – यह आपका अधिकार है और आपके भविष्य की दिशा तय करने में मदद करेगा.