मशहूर हास्य अभिनेता अतुल परचुरे का 57 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर का सामना कर रहे थे। उनके निधन से फिल्म और टेलीविजन जगत में गहरा शोक व्याप्त है। उनकी हास्य प्रतिभा ने दर्शकों को खूब हंसाया और वह अपनी अनूठी शैली के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।
कैंसर: लक्षण, कारण और इलाज के सरल टिप्स
आपने शायद कैंसर शब्द सुना होगा, लेकिन असली मतलब क्या है, अक्सर समझ नहीं आता। यहाँ हम सीधे-सीधे बात करेंगे कि कैंसर कब शुरू होता है, कौन‑से संकेत मिलते हैं और घर में ही क्या कदम उठाए जा सकते हैं। पढ़ते रहिए, हर पैराग्राफ में एक नया जानकारी मिलेगा।
कैंसर के मुख्य लक्षण
सबसे पहले जानें वो चीज़ें जो आपके शरीर में कुछ गड़बड़ बताती हैं। अगर आपको नीचे‑दी गयी बातों में से कोई भी लगातार दिखे तो डॉक्टर को दिखाना बेहतर रहेगा:
- कोई गांठ या सूजन, खासकर ब्रेस्ट, गर्दन या अंडकोष में।
- अनजाने में वजन घटना या भूख कम लगना।
- त्वचा पर नया दाग, खरोंच या घाव जो ठीक नहीं होते।
- लगातार थकान, चाहे आराम करने के बाद भी दूर न हो।
- पेशाब या मल में रक्त आना।
इन लक्षणों को नजरअंदाज़ करना अक्सर समस्या बढ़ा देता है। याद रखिए, जल्दी पता चलने से इलाज आसान और असरदार होता है।
कैसे बचें और क्या हैं इलाज के विकल्प?
कैंसर पूरी तरह रोकना मुश्किल हो सकता है, लेकिन जोखिम कम करने के कई आसान उपाय हैं:
- तंबाकू से दूर रहें – धूम्रपान या पान दोनों ही कैंसर का बड़ा कारण हैं।
- संतुलित आहार लें – फल, सब्ज़ी और साबुत अनाज अधिक खाएं, तेल‑मसाले कम करें।
- शारीरिक सक्रियता रखें – रोज़ 30 मिनट चलना या हल्का व्यायाम फायदेमंद है।
- सनस्क्रीन का उपयोग करें – धूप में बहुत देर तक रहने से स्किन कैंसर की संभावना बढ़ती है।
यदि कैंसर का पता चलता है, तो इलाज कई रूपों में हो सकता है:
- सर्जरी: ट्यूमर को हटाना सबसे आम तरीका है, जब यह शुरुआती चरण में होता है।
- कीमोथेरेपी: दवाओं से कैंसर कोशिकाएं मारना, अक्सर सर्जरी के बाद या साथ में किया जाता है।
- रेडियोथेरेपी: उच्च ऊर्जा वाली किरणों से ट्यूमर को नष्ट करना, खासकर छोटे क्षेत्रों में उपयोगी।
- इम्यूनोथेरपी: शरीर की अपनी रोग प्रतिरोधक शक्ति को कैंसर के खिलाफ सक्रिय करना, अब कई मामलों में सफल दिख रहा है।
हर मरीज का केस अलग होता है, इसलिए डॉक्टर आपके ट्यूमर की स्थिति देख कर सबसे सही योजना बनाते हैं। इलाज के दौरान नियमित फॉलो‑अप और दवाओं का समय पर लेना बहुत ज़रूरी है।
कैंसर से जूझ रहे लोगों को अक्सर डर लगता है। याद रखें, सपोर्ट ग्रुप या परिवार की मदद से मानसिक तनाव कम किया जा सकता है। सकारात्मक सोच रखिए, सही जानकारी लीजिए और डॉक्टर के निर्देशों का पालन कीजिए – इससे आप बीमारी पर काबू पा सकते हैं।
आख़िर में एक बात फिर दोहराते हैं: अगर कोई भी असामान्य बदलाव दिखे तो देर न करें, तुरंत मेडिकल मदद लें। शुरुआती पहचान ही कैंसर को मात देने का सबसे बड़ा हथियार है।
प्रसिद्ध मराठी और बॉलीवुड अभिनेता अतरुल पर्चूर का 57 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने 14 अक्टूबर 2024 को कैंसर से लड़ते हुए अंतिम सांस ली। पर्चूर ने अपने करियर में कई हास्य किरदारों से लोगों का दिल जीता और हिंदी तथा मराठी सिनेमा में अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ी। उनके निधन की खबर से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अनेक सेलेब्रिटी शोक में हैं।