RITES Ltd. के शेयर 20 सितंबर 2024 को 48% की गिरावट के बाद खुले, क्योंकि इस दिन कंपनी के बोनस इशू का ex-date था। हालांकि, समायोजन के बाद शेयरों में वास्तव में 8% की बढ़ोतरी हुई। बोनस इशू अनुपात 1:1 रखा गया है, जिससे प्रत्येक शेयरधारक को एक अतिरिक्त शेयर मिलेगा। यह दिन कंपनी के ex-dividend का भी दिन था।
बोनस इशू – क्या है और कैसे समझें?
आपको कभी शेयर में बोनस मिलने का नोटिस मिला होगा, पर इसका असली मतलब आप जानते हैं? बोनस इशू कंपनी की तरफ से मौजूदा शेयरधारकों को अतिरिक्त शेयर मुफ्त में देना होता है. इससे आपके पास शेयरों की संख्या बढ़ जाती है लेकिन कुल मूल्य वैसा ही रहता है. यानी हर शेयर का दाम थोड़ा नीचे गिर जाता है, पर आपकी कुल पूंजी नहीं बदलती.
बोनस इशू क्यों देते हैं कंपनियां?
कंपनी जब अच्छा मुनाफा कमाती है और उसके पास रखी हुई कमाई (रिज़र्व) अधिक होती है तो वे इसे शेयरधारकों को बोनस के रूप में बाँटते हैं. इससे दो फायदा होता – पहला, कंपनी का कैश नहीं निकलता; दूसरा, शेयरधारकों की भरोसेमंदि बढ़ती है क्योंकि उन्हें मुफ्त में शेयर मिलते हैं.
कई बार बोनस इशू बाजार में रोटेशन का संकेत भी देता है. जैसे हालिया US बाजार रिपोर्ट बताती है कि डाउ नई ऊँचाइयों पर और नास्डैक की रफ़्तार धीमी, तो निवेशकों को इंडस्ट्री शेयरों से हटकर बॉन्ड या डिविडेंड वाले शेयरों की तरफ ध्यान देना चाहिए.
बोनस इशू का असर आपका पोर्टफोलियो कैसे बदलता है?
जब बोनस जारी होता है तो शेयर की कीमत आधी हो सकती है, पर आपके पास दो गुना शेयर हो जाते हैं (उदाहरण 1:1 बॉनस)। अगर आप पहले 100 शेयर ₹200 प्रति खरीदते थे, तो कुल मूल्य ₹20,000 था. बोनस के बाद आपके पास 200 शेयर रहेंगे, किंतु नई कीमत लगभग ₹100 होगी – फिर भी आपका निवेश ₹20,000 ही रहेगा.
ध्यान देने वाली बात ये है कि यदि आप बॉनस से पहले शेयर बेचते हैं, तो आपको बोनस नहीं मिलेगा. इसलिए कई लोग बोनस घोषणा के बाद कुछ हफ्ते इंतजार करके शेयर रख लेते हैं ताकि मुफ्त शेयर मिल सकें.
बोनस इशू का समय अक्सर कंपनी की वित्तीय रिपोर्ट या वार्षिक बैठक के साथ आता है. आप इसे कंपनी की वेबसाइट, स्टॉक एक्सचेंज नोटिफिकेशन या हमारे टैग पेज पर देख सकते हैं.
अब सवाल उठता है – बोनस शेयर खरीदें या नहीं? अगर आपके पास दीर्घकालीन निवेश का लक्ष्य है और कंपनी की fundamentals मजबूत लगती है तो बोनस को पकड़ना समझदारी है. लेकिन यदि आप अल्पकालिक ट्रेडर हैं, तो बोनस के बाद कीमत गिरने पर तुरंत मुनाफा लेना जोखिम भरा हो सकता है.
हमारे टैग पेज "बोनस इशू" में आपको भारत और विदेश की ताज़ा बोनस घोषणाओं का सार मिलेगा. हर पोस्ट में छोटा-सा विवरण, संभावित प्रभाव और क्या करना चाहिए – सब कुछ लिखा है, ताकि आप जल्दी से फैसला ले सकें.
तो अगली बार जब आपके brokerage से बोनस इशू नोटिस आए, तो इस गाइड को याद रखें: शेयरों की संख्या बढ़ेगी, कीमत घट सकती है, लेकिन आपका कुल निवेश नहीं बदलता. अगर कंपनी का भविष्य उज्ज्वल दिख रहा हो तो बोनस को अपनाएँ, वरना अपनी रणनीति के अनुसार आगे बढ़ें.