भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी Infosys ने गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 को अपने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे पेश किए, जो उम्मीदों से कहीं ज्यादा शानदार रहे। कंपनी ने जनवरी से मार्च के बीच 8,501 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया है। यह आंकड़ा पिछली तिमाही (Q3 FY26) के 6,654 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 27.8 प्रतिशत की जबरदस्त छलांग है। दिलचस्प बात यह है कि बाजार के जानकारों और CNBC-TV18 के सर्वे में मुनाफा केवल 7,398 से 7,670 करोड़ रुपये के बीच रहने का अनुमान था, जिसे इंफोसिस ने आसानी से पीछे छोड़ दिया।
अब सवाल यह है कि यह वृद्धि आई कहां से? अगर हम राजस्व (Revenue) की बात करें, तो कंपनी ने इस तिमाही में 46,402 करोड़ रुपये कमाए, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 13.4 प्रतिशत अधिक है। वैसे तो आंकड़े सकारात्मक दिख रहे हैं, लेकिन शेयर बाजार की प्रतिक्रिया थोड़ी अलग रही। नतीजों की घोषणा के समय बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी के शेयर 2.04 प्रतिशत गिरकर 1,242 रुपये पर बंद हुए। अक्सर ऐसा होता है कि जब नतीजे उम्मीद से बेहतर होते हैं, तब भी निवेशक भविष्य की गाइडेंस को लेकर सावधानी बरतते हैं।
भविष्य का रोडमैप और FY27 की गाइडेंस
भविष्य की तैयारी करते हुए कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपनी ग्रोथ गाइडेंस जारी कर दी है। कंपनी का अनुमान है कि आने वाले साल में उसका राजस्व (Constant Currency terms में) 1.5 से 3.5 प्रतिशत के बीच बढ़ेगा। साथ ही, ऑपरेटिंग मार्जिन 20 से 22 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
कंपनी के Salil Parikh, CEO ने अर्निंग्स कॉल के दौरान एक अहम बात कही। उन्होंने बताया कि साल की शुरुआत काफी मजबूती से हुई थी, लेकिन पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते तनाव के कारण आर्थिक माहौल में कुछ बदलाव आए। हालांकि, अब स्थिति धीरे-धीरे स्थिर हो रही है। यह एक संकेत है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव किस तरह भारतीय आईटी सेक्टर की कमाई पर असर डालते हैं।
AI और मेगा डील्स का कमाल
आजकल हर तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की चर्चा है, और इंफोसिस भी इससे पीछे नहीं है। कंपनी ने खुलासा किया है कि उसके AI से होने वाले राजस्व में 5.5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो रही है। हालांकि सलिल पारिख ने इस बार नए आंकड़े साझा नहीं किए, लेकिन उन्होंने पिछले 'AI डे' के आंकड़ों को दोहराया।
सिर्फ AI ही नहीं, कंपनी ने इस साल 3 बड़ी 'मेगा डील्स' भी साइन की हैं। इसके अलावा, कुछ नए अधिग्रहणों (Acquisitions) ने पूरे साल की ग्रोथ में 70 बेसिस पॉइंट्स का योगदान दिया है। कंपनी का प्रदर्शन विशेष रूप से फाइनेंशियल सर्विसेज, यूटिलिटीज और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में काफी दमदार रहा है, जबकि भौगोलिक स्तर पर यूरोपियन मार्केट ने सबसे ज्यादा साथ दिया।
रोजगार के मोर्चे पर क्या हुआ?
एक तरफ कंपनी नए टैलेंट को जोड़ रही है, तो दूसरी तरफ अनुभवी लोगों की संख्या घट रही है। वित्त वर्ष 2026 में इंफोसिस ने 20,000 से अधिक फ्रेश ग्रेजुएट्स को अपनी टीम में शामिल किया। कंपनी का कहना है कि वे FY27 में भी इसी रफ्तार से भर्ती जारी रखेंगे।
परंतु, एक चौंकाने वाला आंकड़ा यह है कि मार्च तिमाही में कंपनी की कुल वर्कफोर्स 3,37,034 से घटकर 3,28,594 रह गई है। यानी करीब 8,000 कर्मचारी कम हुए हैं। इसके साथ ही, एट्रिशन रेट (कर्मचारियों के छोड़ने की दर) भी 12.3 प्रतिशत से बढ़कर 12.6 प्रतिशत हो गई है। यह संकेत देता है कि कंपनी अब केवल संख्या बढ़ाने के बजाय 'राइट-साइजिंग' या वर्कफोर्स ऑप्टिमाइजेशन पर ध्यान दे रही है।
बाजार का विश्लेषण और तुलना
अगर पूरे साल (FY26) का हिसाब देखें, तो इंफोसिस ने कुल 29,440 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया, जो पिछले साल के मुकाबले 10.2 प्रतिशत अधिक है। साल भर का कुल राजस्व 1,78,650 करोड़ रुपये रहा।
इस प्रदर्शन की तुलना अगर हम अन्य कंपनियों से करें, तो उसी अवधि के दौरान LTM जैसी कंपनी ने 1,387 करोड़ रुपये का मुनाफा और 11,291.7 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया। इंफोसिस का EBIT (ब्याज और कर से पहले की कमाई) 9,743 करोड़ रुपये रहा, जो विश्लेषकों के 9,565 करोड़ रुपये के अनुमान से बेहतर था।
कुल मिलाकर, बेंगलुरु स्थित यह कंपनी चुनौतियों के बावजूद अपनी पकड़ बनाए हुए है। हालांकि, FY27 के लिए दी गई धीमी ग्रोथ गाइडेंस (1.5-3.5%) निवेशकों के मन में थोड़ी दुविधा पैदा कर सकती है, लेकिन AI और मेगा डील्स का पाइपलाइन कंपनी को लंबी रेस का घोड़ा बनाए रखने की क्षमता रखता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
इंफोसिस के Q4 FY26 के नतीजे उम्मीद से बेहतर क्यों रहे?
मुख्य रूप से फाइनेंशियल सर्विसेज, कम्युनिकेशन और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मजबूत पकड़ और यूरोपियन मार्केट में शानदार प्रदर्शन की वजह से मुनाफा 8,501 करोड़ रुपये तक पहुंचा, जो एनालिस्ट्स के अनुमान (करीब 7,400-7,600 करोड़) से काफी ज्यादा था।
FY27 के लिए कंपनी की ग्रोथ गाइडेंस क्या है?
इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजस्व वृद्धि (Revenue Growth) का अनुमान 1.5% से 3.5% के बीच रखा है और ऑपरेटिंग मार्जिन को 20% से 22% के दायरे में रहने की उम्मीद जताई है।
कंपनी की वर्कफोर्स में गिरावट क्यों आई?
मार्च तिमाही में कर्मचारियों की संख्या करीब 8,000 कम हुई है और एट्रिशन रेट बढ़कर 12.6% हो गया है। यह बाजार की बदलती स्थितियों और कंपनी द्वारा वर्कफोर्स ऑप्टिमाइजेशन की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
AI सेक्टर में इंफोसिस का प्रदर्शन कैसा रहा?
कंपनी के AI से होने वाले राजस्व में 5.5% से अधिक की वृद्धि देखी गई है। यह वृद्धि कंपनी के नए डिजिटल ऑफरिंग्स और क्लाइंट्स द्वारा AI समाधानों को तेजी से अपनाने के कारण हुई है।
पश्चिम एशिया के तनाव ने कंपनी को कैसे प्रभावित किया?
CEO सलिल पारिख के अनुसार, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण आर्थिक माहौल में अस्थिरता आई, जिससे क्लाइंट्स के खर्च करने के पैटर्न पर असर पड़ा, हालांकि अब स्थिति स्थिर हो रही है।
नतीजे ठीक हैं पर शेयर गिर रहे हैं 🙄
यह देखकर अच्छा लगा कि कंपनी AI और नई डील्स पर इतना ध्यान दे रही है। भले ही बाजार अभी थोड़ा डरा हुआ है, लेकिन लंबी अवधि में यह रणनीति रंग लाएगी। भारत की आईटी कंपनियों का यह जज्बा काबिले तारीफ है।
बिल्कुल सही बात है! 🚀 ग्रोथ दिख रही है बस थोड़ा सब्र रखने की जरूरत है 📈
भाई साहब! 8,000 लोगों की छुट्टी? ये तो बहुत बड़ा ड्रामा है! 😱 मतलब मुनाफा बढ़ाओ और लोगों को बाहर निकालो, क्या गजब का लॉजिक है ये! 🙄
वाह, यानी कंपनी अब 'स्मार्ट' तरीके से लोगों को निकाल रही है और उसे 'ऑप्टिमाइजेशन' का नाम दे रही है। कितनी महान सोच है!
sabko lagta hai ye growth hai par asli khel to AI ka hai.. ye log bas humein ullu bana rahe hain taaki hume lage ki job secure hai par dhyan dekho 8 hazar log gayab ho gaye.. ye sab pehle se planned tha 🙄
पैसा और मुनाफा तो आते जाते रहते हैं, पर असल बात यह है कि दुनिया कितनी तेजी से बदल रही है। तकनीक अब इंसान की जगह ले रही है और हम बस इसे शांति से देख रहे हैं।
अरे भाई, गाइडेंस देखो 1.5 से 3.5 प्रतिशत। इतनी कम ग्रोथ का मतलब है कि कंपनी को खुद पता है कि आगे रास्ता मुश्किल है। सिर्फ मुनाफे के आंकड़े देखकर खुश मत हो जाओ, फंडामेंटल्स समझो।
वित्तीय दृष्टिकोण से देखें तो परिचालन मार्जिन (Operating Margin) का 20-22% रहना एक संतुलित संकेत है। यह दर्शाता है कि कंपनी लागत प्रबंधन और राजस्व वृद्धि के बीच एक प्रभावी संतुलन बनाए रखने का प्रयास कर रही है।
यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है कि एक तरफ आप 20,000 नए लोगों को भर्ती कर रहे हैं और दूसरी तरफ अनुभवी लोगों को बाहर निकाल रहे हैं। यह केवल लागत कम करने का एक घटिया तरीका है और कंपनी की संस्कृति को नुकसान पहुँचाएगा।
सब बढ़िया होगा बस भरोसा रखो
नये ग्रैजुएट्स के लिए ये बहुत अच्छा मौका है बस सबको मेहनत करनी होगी और AI सीखना होगा क्योंकि अब वही असली खेल है दोस्तों