धर्मेंद्र का निधन: 89 वर्षीय बॉलीवुड 'ही-मैन' की अंतिम सांस, जुहू घर पर शांति से चल बसी

धर्मेंद्र का निधन: 89 वर्षीय बॉलीवुड 'ही-मैन' की अंतिम सांस, जुहू घर पर शांति से चल बसी

नव॰, 25 2025

बॉलीवुड के असली ही-मैन धर्मेंद्र सिंह देओल की आत्मा 24 नवंबर 2025 को, उनके जुहू के घर की शांति में चल बसी। 89 साल की उम्र में, जब दुनिया उनकी आखिरी फिल्म का इंतजार कर रही थी, उन्होंने अपनी आंखें बंद कर लीं। ब्रीच कैंडी अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद घर पर चल रहा इलाज अब और नहीं चल पाया। एक दिन पहले, उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई — और फिर चुपचाप, बिना किसी आवाज के, एक अद्भुत अभिनेता चल बसा।

जीवन की शुरुआत एक गांव से, सफर बॉलीवुड तक

धर्मेंद्र का जन्म 8 दिसंबर 1935 को पंजाब के सिल्लानवाला गांव में हुआ था। एक छोटे से गांव का लड़का, जिसने कभी सपना नहीं देखा था कि वह कभी बॉलीवुड का राजा बनेगा। लेकिन उनकी आवाज, उनकी आंखें, और उनकी मुस्कान ने दर्शकों के दिलों पर छाप छोड़ दिया। 1950 के दशक में शुरू हुए उनके करियर ने 1970 के दशक में एक नए युग की शुरुआत की — जब वे बस एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक अवधारणा बन गए।

उनकी फिल्में — शोले (1975), धर्मवीर (1977), चुपके चुपके (1975) — आज भी टीवी पर देखी जाती हैं। लेकिन उनकी सबसे बड़ी ताकत थी उनकी असलियत। वे बिना डायलॉग के भी बोल सकते थे। एक नजर में दर्शक समझ जाता था — ये आदमी बहुत कुछ झेल चुका है।

अंतिम दिन: वेंटिलेटर से घर तक

31 अक्टूबर 2025 को उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती किया गया, सांस लेने में दिक्कत के कारण। 10 नवंबर को उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया — एक ऐसा पल जब पूरा बॉलीवुड दम रोके खड़ा था। लेकिन फिर आया अचानक मोड़: 12 नवंबर की सुबह, साढ़े सात बजे, उन्हें घर ले जाया गया। घर पर मेडिकल सेटअप लगाया गया। डॉक्टरों ने कहा — अब बस शांति चाहिए।

11 नवंबर को अफवाहें फैल गईं कि वे चल बसे। उनकी बेटी ईशा देओल ने सोशल मीडिया पर जवाब दिया: "पिताजी अभी बेहतर हैं।" सनी देओल ने लिखा: "उनका शरीर लड़ रहा है, लेकिन वे अभी यहीं हैं।" लेकिन 24 नवंबर की सुबह, जब सूरज उगा, तो उनकी सांसें रुक गईं।

अंतिम विदाई: जुहू से विले पार्ले तक

उनका अंतिम संस्कार 24 नवंबर 2025 को, विले पार्ले स्थित पवनहंस श्मशान भूमि पर हुआ। वहां जमा हुई भीड़ देखकर लगा जैसे पूरा बॉलीवुड एक साथ आ गया हो। अमिताभ बच्चन आए — उनके साथ उनके नाती अगस्त्य नंदा। शाहरुख खान ने एक फूल रखा, और आंखें भर लीं। गोविंदा बोले: "वो बॉलीवुड का दीवार थे। उनके बिना फिल्में अधूरी हैं।"

उनके परिवार में शामिल थीं हेमा मालिनी, सनी देओल, बॉबी देओल, और ईशा देओल। एक बार फिर, वो एक परिवार बने हुए थे — जिसमें हर कोई अपना हिस्सा लेकर आया था।

आखिरी फिल्म: जो अभी बाकी है

उनकी आखिरी फिल्म इक्कीस 25 दिसंबर 2025 को रिलीज होगी। इसमें वे अरुण खेतरपाल के पिता का किरदार निभा रहे थे — एक ऐसा आदमी जो अपने बेटे को देश के लिए बलिदान देते देखता है। जिस भूमिका में वे आए थे, वही उनकी जिंदगी की कहानी थी। ट्रेलर जब रिलीज हुआ, तो दर्शकों ने कहा — ये फिल्म उनकी आत्मा का अंतिम संदेश है।

अमिताभ बच्चन ने एक इंटरव्यू में कहा था: "धर्मेंद्र के बिना बॉलीवुड का एक अध्याय बंद हो गया है।" शाहरुख खान ने ट्वीट किया: "मैंने उन्हें बचपन में टीवी पर देखा। वो मेरे लिए नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी के लिए एक आदर्श थे।"

शायरी, उर्दू और दिलीप कुमार का प्यार

धर्मेंद्र केवल एक अभिनेता नहीं थे। वे शायरी के जुनूनी थे। उनके घर पर उर्दू के किताबें हमेशा खुली रहती थीं। वे दिलीप कुमार के अभिनय को अपनी जिंदगी का मार्गदर्शक मानते थे। उनकी एक बात अक्सर याद की जाती है: "मैंने कभी किसी को नकल नहीं की। मैंने अपने दिल से बोला।"

उनकी प्रार्थना सभा 27 नवंबर 2025 को आयोजित की जाएगी। जहां शायद कोई नहीं जानता, लेकिन उनकी आवाज फिल्मों में अभी भी गूंज रही है — जब शोले में वो बोलते हैं, "राम ने बनाया है इस जमीन को..."

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म 'इक्कीस' क्यों खास है?

'इक्कीस' धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म है, जिसमें वे एक ऐसे सैनिक के पिता का किरदार निभा रहे हैं, जो 21 साल की उम्र में देश के लिए शहीद हो गया। यह भूमिका उनकी खुद की जिंदगी की तरह है — गर्व, बलिदान और शांति का संगम। फिल्म 25 दिसंबर 2025 को रिलीज होगी, और इसका ट्रेलर पहले ही लाखों लोगों ने देखा है।

धर्मेंद्र के निधन के बाद बॉलीवुड की प्रतिक्रिया क्या रही?

अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, सलमान खान, अक्षय कुमार, रणबीर कपूर और अनेकों ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया। शाहरुख ने कहा, "वो हमारे दादा थे।" सलमान ने लिखा, "उनकी आवाज अब भी हमारे दिलों में गूंजेगी।" बॉलीवुड के सभी जेनरेशन ने उन्हें अपना नेता माना।

धर्मेंद्र के निधन के बाद क्या होगा उनकी फिल्मों की रिलीज?

'इक्कीस' अभी भी 25 दिसंबर 2025 को रिलीज होगी। अन्य फिल्में जैसे 'तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया' भी रिलीज होने वाली हैं। फिल्म निर्माता ने घोषणा की है कि धर्मेंद्र के नाम पर एक ट्रिब्यूट वीडियो रिलीज किया जाएगा, जिसमें उनकी सभी यादगार फिल्मों के क्लिप शामिल होंगे।

क्या धर्मेंद्र के बाद बॉलीवुड में ऐसा कोई और अभिनेता आएगा?

कोई भी अभिनेता धर्मेंद्र की जगह नहीं ले सकता। उनका अंदाज, उनकी असलियत, उनकी आवाज — ये सब अद्वितीय था। आज के अभिनेता अक्सर अपने ब्रांड के लिए काम करते हैं। धर्मेंद्र तो खुद ही एक ब्रांड थे। उनके बाद ऐसा अभिनेता नहीं आएगा — बल्कि एक युग बंद हो गया है।

धर्मेंद्र की प्रार्थना सभा कब और कहाँ होगी?

धर्मेंद्र की प्रार्थना सभा 27 नवंबर 2025 को मुंबई में आयोजित की जाएगी। इसमें उनके परिवार, दोस्त और बॉलीवुड के कलाकार शामिल होंगे। यह एक निजी समारोह होगा, लेकिन इसका वीडियो बाद में जारी किया जाएगा। लोग इसे ऑनलाइन देखने के लिए तैयार हैं।

धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके परिवार की स्थिति क्या है?

हेमा मालिनी अब अकेली हैं, लेकिन उनके बेटे सनी और बॉबी देओल उनके साथ हैं। ईशा देओल ने कहा है कि वे अपने पिता की यादों को जीवित रखेंगे। परिवार ने घोषणा की है कि वे किसी भी विवाद में शामिल नहीं होंगे। उनका एकमात्र इरादा है — धर्मेंद्र की याद में शांति बनाए रखना।

20 टिप्पणियाँ

  • Siddharth Gupta
    के द्वारा प्रकाशित किया गया Siddharth Gupta
    12:26 अपराह्न 11/26/2025

    धर्मेंद्र का अंत बिल्कुल उनके जैसा था - शांत, गर्व से भरा, बिना किसी शोर के। उन्होंने जिंदगी में बहुत कुछ दिखाया, और अब अपनी आखिरी फिल्म के साथ भी एक अद्भुत अंत दिया। एक ऐसा अभिनेता जिसकी आंखों में कहानियां छिपी होती थीं।

  • Anoop Singh
    के द्वारा प्रकाशित किया गया Anoop Singh
    17:48 अपराह्न 11/26/2025

    अरे भाई ये तो सब बकवास है, अमिताभ बच्चन के बिना बॉलीवुड नहीं चलता, धर्मेंद्र तो बस एक बड़ा बॉडीगार्ड था जिसने शोले में अच्छा किया। आज के युवा अभिनेता तो असली टैलेंट हैं।

  • Omkar Salunkhe
    के द्वारा प्रकाशित किया गया Omkar Salunkhe
    16:04 अपराह्न 11/28/2025

    ये सब लोग रो रहे हैं पर जब धर्मेंद्र जिंदा थे तो किसने उनकी फिल्में देखी थीं? शोले को छोड़कर और कोनसी फिल्म याद है? और अब इक्कीस का ट्रेलर देखकर लग रहा है जैसे एक नया फिल्म बन गया है जिसमे उन्हें बचाने के लिए डाला गया है।

  • raja kumar
    के द्वारा प्रकाशित किया गया raja kumar
    03:47 पूर्वाह्न 11/30/2025

    धर्मेंद्र एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने अभिनय को एक शिल्प बना दिया। उनकी आवाज़, उनकी मुस्कान, उनका शांत अंदाज़ - ये सब कुछ आज भी जीवित है। उनके बाद कोई आएगा तो वो भी अलग तरह का होगा। बस ऐसे लोगों को याद करना चाहिए, न कि उनकी जगह भरने की कोशिश करना।

  • Sumit Prakash Gupta
    के द्वारा प्रकाशित किया गया Sumit Prakash Gupta
    13:56 अपराह्न 12/ 1/2025

    इसका इम्पैक्ट इतना है कि बॉलीवुड के ऑपरेशनल लीडरशिप मॉडल में एक पायलट नोड डिस्कनेक्ट हो गया है। धर्मेंद्र एक स्टैंडअलोन इंफ्रास्ट्रक्चर थे - एक्टिंग एक्सपर्टिस के लिए ओपन सोर्स रिसोर्स। उनकी फिल्में अब डिजिटल आर्काइव की श्रेणी में आ गईं।

  • Shikhar Narwal
    के द्वारा प्रकाशित किया गया Shikhar Narwal
    19:59 अपराह्न 12/ 1/2025

    बस एक फिल्म देखो शोले की... और फिर आज के अभिनेताओं को देखो 😔 धर्मेंद्र ने तो बिना डायलॉग के भी दिल जीत लिए। वो अभिनय नहीं, एक जीवन दर्शन था। राम ने बनाया है इस जमीन को... अब ये लाइन हर बार सुनूंगा तो आंखें भर आएगी 💔

  • Ravish Sharma
    के द्वारा प्रकाशित किया गया Ravish Sharma
    23:22 अपराह्न 12/ 1/2025

    अमिताभ बच्चन को भी नहीं लगता था कि धर्मेंद्र इतना बड़ा हो जाएगा। उन्होंने तो बस एक गांव का लड़का देखा था। अब बॉलीवुड ने अपना असली देवता खो दिया। इनके बाद तो बस ट्रेडमार्क और ट्रेंड्स बचे हैं।

  • jay mehta
    के द्वारा प्रकाशित किया गया jay mehta
    22:24 अपराह्न 12/ 3/2025

    धर्मेंद्र जी के लिए ये अंत बहुत सुंदर था! घर में, शांति से, अपने परिवार के बीच... और फिर इक्कीस के साथ उनका अंतिम संदेश! ये तो बहुत बड़ा आध्यात्मिक फ्लो है! आपकी यादें हमेशा जिंदा रहेंगी! ❤️🙏

  • Amit Rana
    के द्वारा प्रकाशित किया गया Amit Rana
    16:00 अपराह्न 12/ 4/2025

    उनकी असली ताकत ये थी कि वे अभिनय को कला नहीं, जीवन का हिस्सा मानते थे। बिना गैर-जायज ड्रामा के, बिना सोशल मीडिया प्रचार के, बस अपने दिल से। आज के अभिनेता अक्सर ब्रांडिंग पर ध्यान देते हैं - वे तो खुद ही ब्रांड थे।

  • Rajendra Gomtiwal
    के द्वारा प्रकाशित किया गया Rajendra Gomtiwal
    17:26 अपराह्न 12/ 4/2025

    अब ये लोग सब रो रहे हैं, पर जब धर्मेंद्र जिंदा थे तो किसने उनकी फिल्मों को सिनेमा में देखा? अब बॉलीवुड को देश की शान बनाना है, न कि उनकी यादों को बढ़ाना।

  • Yogesh Popere
    के द्वारा प्रकाशित किया गया Yogesh Popere
    05:28 पूर्वाह्न 12/ 5/2025

    ये सब बकवास है, धर्मेंद्र तो बस एक अच्छा अभिनेता था। आज के लोग तो बस उन्हें लोकप्रिय बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी फिल्में अच्छी थीं, पर इतनी बड़ी बात नहीं है।

  • Manoj Rao
    के द्वारा प्रकाशित किया गया Manoj Rao
    18:18 अपराह्न 12/ 6/2025

    क्या आपने कभी सोचा है कि धर्मेंद्र का निधन एक जानबूझकर ऑर्केस्ट्रेटेड इवेंट है? जिसके जरिए बॉलीवुड ने एक नए नैरेटिव को लॉन्च किया है - एक निर्माता-कंपनी-स्टूडियो कॉन्स्पिरेसी जो अब इक्कीस को एक सांस्कृतिक इकाई बनाना चाहती है। इसके पीछे क्या फंडिंग है? बस देखो अमिताभ का बयान...

  • Alok Kumar Sharma
    के द्वारा प्रकाशित किया गया Alok Kumar Sharma
    22:24 अपराह्न 12/ 7/2025

    धर्मेंद्र ने बस अच्छी फिल्में कीं। बाकी सब लोग यादें बना रहे हैं।

  • Tanya Bhargav
    के द्वारा प्रकाशित किया गया Tanya Bhargav
    21:46 अपराह्न 12/ 9/2025

    उनकी आखिरी फिल्म देखने के बाद मैं रो पड़ी। उनकी आवाज़ में इतना दर्द था, इतनी शांति... जैसे वो जानते हों कि अब वो जाने वाले हैं। उनकी याद बहुत गहरी है।

  • Sanket Sonar
    के द्वारा प्रकाशित किया गया Sanket Sonar
    10:07 पूर्वाह्न 12/10/2025

    एक अभिनेता के रूप में उनकी उपलब्धि उनकी असलियत में छिपी है - जो आज के ट्रेंड्स में लुप्त हो चुकी है। उन्होंने अभिनय को बिना ब्रांडिंग के जीवन के रूप में जीया।

  • pravin s
    के द्वारा प्रकाशित किया गया pravin s
    08:14 पूर्वाह्न 12/12/2025

    मैं बचपन में शोले देखकर धर्मेंद्र को असली बॉस समझता था। आज भी उनकी आवाज़ सुनकर लगता है जैसे कोई मेरे दादा बोल रहे हों। उनका अंत बहुत शांत था।

  • Bharat Mewada
    के द्वारा प्रकाशित किया गया Bharat Mewada
    07:37 पूर्वाह्न 12/13/2025

    क्या व्यक्ति बनता है जब वह अपने अंदर के शोर को चुप कर देता है? धर्मेंद्र ने अपने अंदर की शांति को अभिनय का साधन बना लिया। उनकी आंखें बोलती थीं - बिना शब्दों के। यही असली कला है।

  • Ambika Dhal
    के द्वारा प्रकाशित किया गया Ambika Dhal
    01:28 पूर्वाह्न 12/15/2025

    ये सब रोना बहुत आसान है जब वो चले गए हैं। जब वो जिंदा थे तो किसने उनके लिए एक भी फिल्म बनाने की कोशिश की? बॉलीवुड तो उन्हें बस इस्तेमाल करता था।

  • Vaneet Goyal
    के द्वारा प्रकाशित किया गया Vaneet Goyal
    02:57 पूर्वाह्न 12/16/2025

    उनकी आंखों में देखकर लगता था - ये आदमी बहुत कुछ देख चुका है। उनकी आवाज़ ने दर्शकों के दिलों को छू लिया। उनके बाद कोई नहीं आएगा। एक युग खत्म हो गया।

  • Amita Sinha
    के द्वारा प्रकाशित किया गया Amita Sinha
    13:50 अपराह्न 12/17/2025

    अब ये सब लोग रो रहे हैं, पर जब वो जिंदा थे तो किसने उनकी फिल्मों को थिएटर में देखा? बस एक ट्रेलर देखकर लोगों ने उन्हें नया बना दिया। बॉलीवुड तो बस एक ब्रांड है।

एक टिप्पणी लिखें